मेलबर्न। मात्र 48 घंटे के बाद विश्वकप का शुभांरभ हो जायेगा। 14 फरवरी से शुरू होने वाले इस महाकुंभ के लिए 14 टीमों ने कमर कस ली है तो वहीं दिग्गजों की ओर से लगातार चेतावनी और भविष्यवाणियां जारी है।
जहां क्रिकेट दिग्गज ग्रेग चैपल ने कहा है कि टू्र्नामेंट में धोनी की सेना को हल्के में लेने से विरोधी टीमों को नुकसान होगा वहीं दूसरी ओर श्रीलंकाई कप्तान एंजेलो मैथ्यूज ने भी बयान दिया कि वह इससे खुश हैं कि उनकी टीम को प्रबल दावेदार नहीं माना जा रहा लेकिन जो हमें हल्के में लेने की कोशिश करेगा उसे मुंह की खानी पड़ेगी।
'विश्वकप में भारत-श्रीलंका को हल्ले में नहीं लिया जा सकता'
गौरतलब है कि श्रीलंका पिछले दोनों संस्करणों के फाइनल में पहुंचा था। साथ ही श्रीलंका पिछले छह विश्व कप के पांच संस्करणों में सेमीफाइनल में पहुंचने में कामयाब रहा है तो वहीं भारत ने ही श्रीलंका को साल 2011 के फाइनल में हराया था।
हालांकि श्रीलंका और भारत दोनों ही टीमें इस बार लय में नजर नहीं आ रही हैं लेकिन फिर भी दोनों को कमतर आंका नहीं जा सकता है। गौरतलब है कि श्रीलंका ने आखिरी बार 1996 में विश्व कप जीता था। यह जयवर्धने और संगकारा जैसे सीनियर खिलाड़ियों का आखिरी विश्व कप है। ऐसे में टीम के युवा चेहरे निश्चित ही उन्हें शानदार विदाई देने के मकसद से विश्व कप हासिल करने की कोशिश करेंगे और यही सोच शायद इस बार टीम के लिए एक प्रेरणा का भी काम करेगा।
जयवर्धने और संगकारा जैसे सीनियर खिलाड़ियों का आखिरी विश्व कप है
तो वहीं धोनी की सेना एन वक्त पर पासा पलट सकती है, धोनी की कप्तानी में भारत बड़े-बड़े कारनाम कर सकती है ऐसे में दिग्गजों का कहना है कि जो टीम इंडिया को हल्के में लेगा उसे ही नुकसान होगा।