नई दिल्लीः भारत के शानदार बल्लेबाज और बीसीसीआई के पूर्व चीफ सिलेक्टर रहे दिलीप वेंगसरकर ने इंग्लैंड के दौरे पर टीम इंडिया को कुछ जरूरी सलाह दी है। यह दौरा इसी महीने 18 जून से शुरू हो रहा है जिसके लिए भारतीय टीम इस समय इंग्लैंड में मौजूद है। भारत के लिए काफी टेस्ट क्रिकेट खेल चुके वेंगसरकर ने इंग्लैंड में भी काफी मैच खेले हैं जहां उनका टेस्ट औसत 43 का रहा है। उन्होंने भारतीय बल्लेबाजों को आगाह किया है कि वे ऑफ स्टंप से बाहर की गेंदों पर बड़े-बड़े ड्राइव मारने से बचें।
इंग्लैंड में गेंद अक्सर मूव करती है और ऐसी गेंदों पर ड्राइव मारने से आउट होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके बजाय वेंगसरकर ने सलाह दी है कि बल्लेबाजी जब तेज गेंदबाजों को खेलें तो हल्के हाथों से खेलने की कोशिश की जाए। वेंगसरकर ने यह सब बातें खलीज टाइम्स से बात करते हुए बताई। वे इंग्लैंड की अजीबोगरीब परिस्थितियों के बारे में बताते हैं और कहते हैं, "इंग्लैंड में कई बार बादल छा जाते हैं और गेंद घूमना शुरू कर देती है तब अचानक धूप निकलने लगती है और विकेट बल्लेबाजी के लिए अच्छा हो जाता है। आपको 1 दिन में अलग-अलग तरह के सेशन देखने को मिल जाते हैं। ऐसे में एक बल्लेबाज वहां पर कभी भी सेटल नहीं हो पाता। भारत में जवाब टेस्ट क्रिकेट में 30 से ज्यादा गैस को कर देते हैं तो सेट हो जाते हैं लेकिन ऐसा इंग्लैंड में नहीं होता। यहां के अंत थोड़ा बहुत घूमती है और आपको ध्यान देना पड़ता है।"
वेंगसरकर ने इस बात पर भी जोड़ दिया की प्रैक्टिस मैच की अहमियत जरूरी है। ऐसा केवल बल्लेबाजों के लिए नहीं बल्कि स्पिनर और तेज गेंदबाजों के लिए भी जरूरी है लेकिन भारतीय टीम कोविड-19 के चलते जरूरी हुए क्वारंटाइन में समय बिताने के चलते वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल से पहले कोई प्रैक्टिस मैच नहीं खेल पाएगी। वेंगसरकर इस बारे में बात करते हुए कहते हैं कि यह पिछले 10 साल से एक समस्या रही है। जब आप आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड में जाते हैं तो परिस्थितियां बहुत ही अलग मिलती हैं जिनके लिए आपको तालमेल बैठाने के लिए प्रैक्टिस की जरूरत पड़ती है। ऐसे में यह जरूरी है कि बीसीसीआई कुछ प्रैक्टिस मैच भी आयोजित करें। वरना आप पहले टेस्ट में स्ट्रगल करेंगे पहले टेस्ट में संघर्ष करेंगे।
विराट कोहली हालांकि इस बात से इंकार चुके हैं कि टीम इंडिया को न्यूजीलैंड की तुलना में कम फायदा होने जा रहा है। कीवी टीम भारत के खिलाफ चैम्पियनशिप मुकाबला खेलने से पहले दो टेस्ट मैच इंग्लैंड के खिलाफ खेल चुकी होगी। लेकिन कोहली का कहना है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता और दोनों ही टीमें एक जैसी स्थिति में होंगी।