
क्या खत्म हो जायेगी विराट सेना की बादशाहत
कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम का विदेशी सरजमीं पर भी प्रदर्शन बेहतर हुआ और टीम ने ऑस्ट्रेलिया में जाकर उनकी बेस्ट टीम को हराना शुरू कर दिया, इतना ही नहीं टीम ने ऐसी बेंच स्ट्रेंथ तैयार कर दी है जिसका तोड़ दुनिया में किसी भी टीम के पास नहीं है। ऐसे में जब भारतीय टीम का सामना टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल मैच में न्यूजीलैंड से होगा और विराट सेना को हार का सामना करना पड़ गया तो क्या इतने सालों से चली आ रही भारतीय टीम की बादशाहत खत्म हो जायेगी।
उल्लेखनीय है कि आईसीसी की रैंंकिंग में फिलहाल भारतीय टीम पहले पायदान पर काबिज है जबकि न्यूजीलैंड की दूसरे नंबर पर काबिज हैं। आईसीसी रेटिंग की बात करें तो दोनों टीमों के बीच सिर्फ 1 प्वाइंट का ही अंतर है। ऐसे में जब दोनों टीमें टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल में भिड़ेंगी तो जीत के साथ न सिर्फ लंबे अरसे से चले आ रहे आईसीसी खिताब के सूखे को खत्म करेंगी बल्कि आईसीसी रैंकिंग में नंबर 1 टीम भी बन जायेंगी। अगर भारत यह मैच जीतता है तो उसकी रेटिंग बढ़कर 123 हो जायेगी तो वहीं पर कीवी टीम के जीतने पर यह 121 हो जायेगी। यह इस साल दूसरी बार होगा जब कीवी टीम टेस्ट रैंकिंग में दुुनिया की नंबर 1 टीम बनने का कारनामा करेगी।

आईसीसी खिताब के सूखे को खत्म करने का मौका
हालांकि इससे भारतीय टीम की बादशाहत खत्म नहीं होगी लेकिन उसके लिये इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में भारत को जीत हासिल करनी होगी, वरना हो सकता है कि इस साल भारतीय टीम को टेस्ट रैंकिंग में पहले नंबर पर पहुंचने का दूसरा मौका न मिले। विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने अब तक चैम्पियंस ट्रॉफी 2017 का फाइनल खेला और 2019 विश्व कप का सेमीफाइनल, हालांकि उसे दोनों में ही जीत नहीं मिल सकी। वहीं भारतीय टीम ने 2013 की चैम्पियंस ट्रॉफी के बाद से 5 बार आईससी टू्र्नामेंट के फाइनल या सेमीफाइनल में जगह बनाने का काम किया लेकिन एक बार भी खिताब जीत नहीं सके, ऐसे में टेस्ट चैम्पियनशिप के पहले संस्करण में विराट सेना के पास इस सूखे को खत्म करने का बड़ा मौका है, जिसे वो किसी भी हाल में खोना नहीं चाहेंगे।
वहीं कीवी टीम की बात करें तो उसके पास अब तक सिर्फ एक ही आईसीसी ट्रॉफी है जो उन्होंने साल 2000 में भारत को ही हराकर अपने नाम की थी, जिसके बाद उन्होंने आईसीसी टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन तो किया लेकिन खिताब नहीं जीत सके। ऐसे में वो भी दो दशक से ज्यादा समय से चले आ रहे इस खिताबी सूखे को मिटाने की पूरी कोशिश करेंगे।

फाइनल की जीत ऐतिहासिक बना सकती है इंग्लैंड दौरा
भारत के लिये टेस्ट चैम्पियनशिप का फाइनल मैच इंग्लैंड दौरे पर खेला गया पहला मैच होगा जिसके बाद उसे इंग्लिश टीम के खिलाफ 5 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। 2007 के बाद से भारत ने इंग्लैंड में खेली गई एक भी टेस्ट सीरीज में जीत हासिल नही कि लेकिन अगर विराट सेना इंग्लैंड की सरजमीं पर टेस्ट चैम्पियनशिप का खिताब अपने नाम करती है तो उसका आत्म-विश्वास काफी बढ़ा हुआ होगा, जो कि इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में 14 साल बाद ऐतिहासिक जीत हासिल कर सकता है।


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