बाल्मिकी ही है देश का असली युवराज : महाराष्ट्र सरकार
मुंबई। यूं तो देश के कई लाल हैं लेकिन युवराज का अंदाजे बयां कुछ और हैं,युवराज बाल्मिकी ही देश का असली हीरो है ये कहना है महाराष्ट्र सरकार का । आपको बता दें कि युवराज बाल्मिकी वो खिलाड़ी है, जिसने एशियन कप में पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल मैच में विजयी गोल ठोंका था।
महाराष्ट्र सरकार ने बाल्मिकी को दस लाख रूपये ईनाम के तौर पर देने का ऐलान किया है। देश को सम्मानित करने वाला ये खिलाड़ी जब अपने घर लौटा तो लोगों ने उसका भव्य स्वागत किया। मां के आंसू तो खुशी के कारण छलकते ही जा रहे थे। उसने बढ़कर अपने इस बेटे को गले लगा लिया और माथा चूम लिया।
जबकि युवराज बाल्मिकी के पिता सुनील बाल्मिकी की खुशी को तो बयां ही नहीं जा सकती है। उनका सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। उन्होंने अपने बेटे को आशीष देते हुए कहा कि उम्मीद है कि उनका लाल भारत मां को ऐसे ही गौरवान्वित करता रहेगा। लेकिन आपको बता दें कि आज सबकी आंखों का तारा बना युवराज का जीवन बेहद ही अभावों से गुजरा है। 21 साल के युवा युवराज मायानगरी के मरीन लाइंस के स्लम एरिया में रहते हैं।
उनके घर में पिछले 18 सालों से बिजली नहीं है, उनके घर में पानी और बाथरूम की भी व्यवस्था नहीं है। उनके पिता सुनील मुंबई में टैक्सी चलाते हैं। मां ने अपने बेटे के लिए बिरयानी भी उधार के पैसे से बनायी थीं। लेकिन युवराज ने कहा कि उनके अभाव और परेशानिया कभी भी उनके खेल के बीच में नहीं आते हैं। जीवन है तो परेशानियां होगीं लेकिन उनका हॉकी प्रेम कभी भी कम नहीं होगा। गौरतलब है कि भारत ने एशियन कप में पाकिस्तान को हरा कर कप हासिल किया है। इस जीत से देश में हॉकी प्रेमी काफी खुश हैं।
महाराष्ट्र सरकार ने बाल्मिकी को दस लाख रूपये ईनाम के तौर पर देने का ऐलान किया है। देश को सम्मानित करने वाला ये खिलाड़ी जब अपने घर लौटा तो लोगों ने उसका भव्य स्वागत किया। मां के आंसू तो खुशी के कारण छलकते ही जा रहे थे। उसने बढ़कर अपने इस बेटे को गले लगा लिया और माथा चूम लिया।
जबकि युवराज बाल्मिकी के पिता सुनील बाल्मिकी की खुशी को तो बयां ही नहीं जा सकती है। उनका सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। उन्होंने अपने बेटे को आशीष देते हुए कहा कि उम्मीद है कि उनका लाल भारत मां को ऐसे ही गौरवान्वित करता रहेगा। लेकिन आपको बता दें कि आज सबकी आंखों का तारा बना युवराज का जीवन बेहद ही अभावों से गुजरा है। 21 साल के युवा युवराज मायानगरी के मरीन लाइंस के स्लम एरिया में रहते हैं।
उनके घर में पिछले 18 सालों से बिजली नहीं है, उनके घर में पानी और बाथरूम की भी व्यवस्था नहीं है। उनके पिता सुनील मुंबई में टैक्सी चलाते हैं। मां ने अपने बेटे के लिए बिरयानी भी उधार के पैसे से बनायी थीं। लेकिन युवराज ने कहा कि उनके अभाव और परेशानिया कभी भी उनके खेल के बीच में नहीं आते हैं। जीवन है तो परेशानियां होगीं लेकिन उनका हॉकी प्रेम कभी भी कम नहीं होगा। गौरतलब है कि भारत ने एशियन कप में पाकिस्तान को हरा कर कप हासिल किया है। इस जीत से देश में हॉकी प्रेमी काफी खुश हैं।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:19 [IST]
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