जोहांसबर्ग। दक्षिण अफ्रीका सरकार ने फीफा विश्व कप-2010 की मेजबानी के लिए 40 अरब रैंड यानि 5.17 अरब डॉलर खर्च किए हैं। वर्ष 2006-07 में मेजबानी हासिल होने के साथ ही दक्षिण अफ्रीका का इस सपने को साकार करने का प्रयास शुरू हो गया था। विश्व कप का आयोजन 11 जून से 11 जुलाई तक होना है और इस दौरान यहां 370,000 पर्यटकों के जुटने के आसार हैं। वैसे सरकार ने 450,000 लोगों के यहां पहुंचने के आसार जताए थे।
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अफ्रीका महाद्वीप में पहली बार विश्व कप का आयोजन हो रहा है। यही कारण है कि प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुके इस आयोजन के लिए दक्षिण अफ्रीकी सरकार ने 11.7 अरब रैंड इससे जुड़े संसाधनों पर खर्च किए जबकि 13.2 अरब रैंड यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए किया गया।यह भारी-भरकम रकम राष्ट्रीय बजट के माध्यम से हासिल किया गया। इसके कारण 2009-10 में सकल घरेलू उत्पाद में राजकोषीय घाटा बढ़कर 6.7 प्रतिशत तक पहुंच गया था।
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सरकार ने इसके लिए विदेशी कर्ज भी लिया और यही कारण है कि उसका कुल कर्ज जो 2008-09 में 40.2 अरब रैंड था, 2009-10 में बढ़कर 184.2 अरब रैंड तक पहुंच गया। विश्व कप के लिए दक्षिण अफ्रीका पहुंचने वाले लोग 8.8 अरब रैंड खर्च करेंगे जबकि फीफा, प्रायोजकों अन्य माध्यमों से सरकार को 13 अरब रैंड की कमाई होगी।