साथ ही आईसीसी ने एशिया कप में मैच फिक्सिंग की आशंका के मद्देनजर सलमान बट्ट और कामरान अकमल के मोबाइल फोन को खंगालने का मन बनाया है। आईसीसी ने इसके लिए अकमल और बट्ट से अपने मोबाइल फोन के विस्तृत ब्यौरे पेश करने को कहा है।
ब्रिटेन के समाचार पत्र 'डेली मेल' के मुताबिक आमेर के सामने मुख्य रूप से इस मामले में आरोपी कप्तान बट्ट और मोहम्मद आसिफ के अलावा उन सभी खिलाड़ियों के खिलाफ सबूत पेश करने पेशकश की गई है, जो किसी न किसी रूप में मैच या स्पॉट फिक्सिंग में शामिल रहे हैं।
पत्र ने हालांकि बट्ट, आमेर और आसिफ को राहत पहुंचाते हुए लिखा है कि इस मामले की जांच कर रही लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस और स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस ने साफ कर दिया है कि तीनों आरोपी खिलाड़ियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाने की संभावना बहुत कम है। आरोप साबित होने के बाद उन्हें इसके लिए कड़ी सजा जरूर मिलेगी।
आमेर की उम्र 18 वर्ष है और वह बीते माह सबसे कम उम्र में 50 विकेट लेने वाले टेस्ट गेंदबाज बने थे। आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारून लोगार्ट समित कई प्रमुख क्रिकेट हस्तियों ने कहा है कि उम्र कम होने के कारण आमेर को कम सजा मिलनी चाहिए जबकि पाकिस्तानी प्रबंधन इसके खिलाफ है।
इधर, आईसीसी ने इस वर्ष जून में श्रीलंका में खेले गए एशिया कप के दौरान मैच फिक्सिंग की आशंका को देखते हुए अकमल और बट्ट का मोबाइल फोन खंगालने का फैसला किया है। बट्ट ताजातरीन मैच फिक्सिंग विवाद के आरोपी हैं।
'डेली मेल' के मुताबिक आईसीसी ने इसके लिए अकमल और बट्ट से अपने मोबाइल फोन के विस्तृत ब्यौरे पेश करने को कहा है। आईसीसी ने कहा है कि वह एशिया कप में मैच फिक्सिंग की आशंका से जुड़े एक अन्य मामले को लेकर इसकी जांच करना चाहती है।
एशिया कप में मैच फिक्सिंग का अंदेशा जताए जाने के तुरंत बाद आईसीसी ने बट्ट और अकमल से संपर्क किया। आईसीसी ने कहा है कि वह इस संबंध में दोनों खिलाड़ियों से पूरे सहयोग की आशा कर रही है लेकिन उसे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की ओर से कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है।
सबसे अहम बात यह है कि आईसीसी ने इस संबंध में सहयोग के लिए पीसीबी को 21 अगस्त को ही एक पत्र लिखा था। उस समय लॉर्ड्स टेस्ट से जुड़ी स्पॉट फिक्सिंग की घटना सामने नहीं आई थी।
यह घटना 29 अगस्त को सामने आई। इसके बावजूद पीसीबी ने अब तक आईसीसी को एशिया कप में फिक्सिंग की आशंका के संदर्भ में कोई जवाब नहीं दिया है।
इससे पहले, आईसीसी ने विवादास्पद सिडनी टेस्ट में फिक्सिंग से जुड़े एक अन्य मामले की जांच के संदर्भ में अकमल को पत्र लिखा है। आईसीसी इस मामले की अलग जांच चाहती है। इसमें अकमल मुख्य आरोपी हैं।
आईसीसी ने हालांकि इस मामले में पाकिस्तान को पाक-साफ करार दिया था लेकिन मैच फिक्सिंग के हालिया मामले के सामने आने के बाद उसने एक बार फिर इस मामले में जांच शुरू करने का फैसला किया है।
अकमल ने उस मैच में चार कैच गिराए थे और इस कारण पाकिस्तान वह मैच बहुत कम अंतर से हार गया था। उस मैच के बाद अकमल को टीम से बाहर कर दिया गया था।
अकमल का नाम लॉर्ड्स टेस्ट से जुड़ी स्पॉट फिक्सिंग की घटना में भी सामने आया था लेकिन जांच में जुटी स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस और मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने अकमल को इससे बरी कर दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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