कोलंबो, 5 फरवरी (आईएएनएस)। श्रीलंका की ओलंपिक पदक विजेता धाविका सुशांथिका जयसिंघे ने एथलेटिक्स जगत को अलविदा कह दिया है। 18 साल तक अंतर्राष्ट्रीय एथलेटिक्स में धूम मचाने वाली सुशांथिका ने श्रीलंका के लिए कई महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में पदक जीते हैं।
श्रीलंका एथलेटिक्स संघ के महासचिव प्रेम पिन्नावाला ने आईएएनएस को बताया, "सुशांथिका ने गुरुवार को एथलेटिक्स जगत को अलविदा कह दिया। एथलेटिक्स में उनके योगदान के लिए राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने उन्हें सम्मानित किया। राजपक्षे ने 33 वर्षीय सुशांथिता को स्मृतिचिन्ह और 50 लाख रुपये देकर सम्मानित किया।"
सुशांथिका ने 2000 के सिडनी ओलंपिक में 200 मीटर स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। ओलंपिक में पदक जीतने वाली वह पहली श्रीलंकाई एथलीट बनी थीं। सुशांथिका 0.01 सेकेंड के अंतर से रजत पदक जीतने से चूक गई थीं।
सिडनी ओलंपिक में अमेरिका की मेरियन जोंस ने स्वर्ण पदक जीता था। अब जबकि अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति प्रतिबंधित दवाओं के सेवन की दोषी पाई गईं जोंस के पदक छीनने की तैयारी कर रही है, सुशांथिका को रजत पदक मिल सकता है। हालांकि इसकी घोषणा में अभी देरी है।
इसके अलावा सुशांथिका ने 1997 विश्व चैंपियनशिप की 200 मीटर स्पर्धा में रजत पदक जीता था। इस जीत के साथ वह 1948 के बाद किसी अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धा में पदक जीतने वाली पहली श्रीलंकाई एथलीट बनी थीं।
सुशांथिका ने 1995 की एशियाई चैंपियनशिप और 1994 के एशियाई खेलों में भी पदक जीते हैं। उनके नाम 200 तथा 400 मीटर स्पर्धा का राष्ट्रीय रिकार्ड दर्ज है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।