सोमदेव को विश्व वरीयता क्रम में 202वां स्थान प्राप्त है। हार के बावजूद सोमदेव काफी प्रतिष्ठा बटोरने में कामयाब रहे क्योंकि पहला सेट 4-6 से गंवाने के बाद उन्होंने अपने से श्रेष्ठ वरीयता प्राप्त सिलिक को दूसरे सेट में टाईब्रेकर खेलने पर मजबूर किया।
सोमदेव चेन्नई ओपन के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी हैं। इससे पहले लिएंडर पेस 1998 में सेमीफाइनल तक पहुंचे थे। सिलिक ने अपने करियर का दूसरा एटीपी खिताब जीता।
खिताबी मुकाबले तक पहुंचने के सफर में सोमदेव ने क्रोएशिया के इवो कार्लोविक और स्पेन के कार्लोस मोया को पराजित किया था। हालांकि जर्मन के रेनर शटलर के सेमीफाइनल मुकाबले से हटने के कारण उन्हें वॉक-ओवर मिला था।
मैच के बाद सोमदेव ने कहा, "यहां तक का मेरा सफर अविश्वसनीय है। मैंने इसके लिए मेहनत की थी लेकिन वाइल्डकार्ड के जरिए प्रवेश पाने के बाद यहां तक पहुंचकर मेरी खुशी का ठिकाना नहीं। हालांकि जीतने पर इससे ज्यादा खुशी होती लेकिन सिलिक ने चैंपियन जैसा खेल दिखाया, इस लिहाज से वही असल विजेता हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।