लंदन में पाकिस्तान के उच्चायुक्त शमसुल हसन के उस बयान के बाद पवार का यह बयान आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि आईसीसी ने बगैर दोष साबित हुए तीनों खिलाड़ियों को निलंबित कर न्याय की सामान्य प्रक्रिया का उल्लंघन किया है।
पवार ने समाचार चैनल 'टाइम्स नाउ' से बातचीत में कहा, "हमने अब तक किसी को सजा नहीं दी है। आईसीसी की अपराधनिरोधक नियमों के तहत संदिग्ध खिलाड़ियों को सूचित किया गया है और जांच आवश्यक है।"
"संदिग्ध खिलाड़ी को हमें नोटिस भेजना होता है। इसका मतलब यह नहीं है कि यह हमारा अंतिम फैसला है। इसका मतलब है कि उस खिलाड़ी को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया है।"
उन्होंने कहा, "यह कार्रवाई नहीं है। महज एक नोटिस है। यदि कोई दोषी नहीं है तो उसे अपना पक्ष रखने का निश्चित तौर पर मौका मिलना चाहिए।"
पवार ने कहा कि आईसीसी एक स्वतंत्र कमिश्नर नियुक्त कर पूरे मामले की जांच करवाएगी और उसके सिफारिशों के आधार पर कार्रवाई करेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।