जोहानसबर्ग। विश्व कप शुरू होने से पहले अखबारों में अपने स्तंभ में अर्जेंटीना के कोच डिएगो माराडोना ने लिखा था कि जीत उसी की होगी जो संगठित होकर खेलेगा। साथ ही उन्होंने यह विश्व कप लिओनेल मेस्सी का बताया था। मेस्सी पर बढ़चढ़ कर बोलने वाले माराडोना की असली परीक्षा अब शुरू होगी। पही टक्कर नाइजीरियाई टीम से होगी।
दो बार चैंपियन रही अर्जेंटीना ग्रुप-बी में अपने अभियान की शुरुआत नाइजीरिया की टीम के खिलाफ करेगी। अर्जेंटीना के कोच माराडोना और स्टार फॉरवर्ड मेस्सी दोनों ही इस प्रयास में हैं कि इस अभियान की शुरुआत जीत के साथ हो। जाहिर है दोनों ही नाइजीनियाई टीम को हलके में नहीं ले रहे हैं। कालरेस टेवेज और गोंजालो हिगुएन पर भी बड़ी जिम्मेदारी होगी।
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नाइजीनिया के स्टार मिडफील्डर जान ओबी मिकेल भले ही शनिवार को नहीं खेलेंगे, लेकिन फिर भी टीम मजबूत प्रदर्शन के हर संभव प्रयत्न करेगी। खास बात यह है कि दोनों टीमों के शीर्ष खिलाडि़यों की फिटनेस पर असमंजस बरकरार है। अजेंटीना के जुआन सेबेस्टियन वेरोन की फिटनेस पर अभी तक चिकित्सकों ने कुछ नहीं कहा है।
पिछले विश्वकप की बात करें तो मेस्सी ने 2005 में युवा विश्वकप के फाइनल में नाइजीरिया के खिलाफ अकेले दम पर जीत दिलायी थी। नाइजीरिया के स्ट्राइकर याकूबू एयेगबेनी के हौंसले बुलंद हैं। हालांकि उन्हें अपने साथी खिलाड़ी मिकेल की कमी खल रही है।