ग्रामीण विकास मंत्रालय से जारी एक विज्ञप्ति के मुताबिक 28 वर्षीय कृष्णा एक किसान की बेटी और नौ वर्षीय बच्चे की मां हैं। उन्होंने कहा कि ये बधाइयां उनका आत्मविश्वास बढ़ाएंगी और वह उम्मीद करती हैं कि अगले एशियाई खेलों और ओलम्पिक में भी उन्हें सफलता मिलेगी।
राजस्थान के गगरवास गांव की कृष्णा के लिए अपने के लिए पैसे जुटाना बहुत मुश्किल था। अब वह सोमवार को चक्का फेंक प्रतियोगिता में 61.51 मीटर की दूरी तय करने के अपने ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद से बधाईयां और नकद पुरस्कार ग्रहण करने में व्यस्त हैं।
जोशी ने कहा कि कृष्णा की इस उपलब्धि के लिए राष्ट्र को उन पर गर्व है। उन्होंने कहा कि कृष्णा के प्रदर्शन से अन्य युवाओं को इन खेलों में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।