समुद्रतटीय शहर में सुबह के सत्र में लगातार हो रही बारिश ने खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों को जहां ड्रेसिंग रूम में बैठने पर मजबूर कर दिया वहीं दर्शकों को इससे काफी निराशा हुई।
दोपहर बाद बारिश हालांकि थम गई थी लेकिन मैदान गीला होने के कारण खेल के लायक हालात नहीं बन सके थे। अंपायरों ने काफी इंतजार के बाद भारतीय समयानुसार दोपहर 2.30 बजे मैदान का मुआयना किया। इसी के बाद दिन का खेल रद्द करने की घोषणा की गई।
जाया हुए समय की भरपाई के लिए मंगलवार को तीसरे दिन का खेल निर्धारित समय से एक घंटे पहले शुरू किया जाएगा। दूसरे दिन का भी खेल एक घंटे पहले शुरू होना था लेकिन बारिश ने इस तैयारी पर पानी फेर दिया।
पहले दिन के तीसरे सत्र का खेल भी बारिश और खराब रोशनी के कारण 22 ओवर पहले समाप्त कर दिया गया था। शनिवार रात हुई बारिश के कारण खेल लगभग एक घंटे विलंब से शुरू हुआ था। पहले दिन का खेल रोके जाने तक श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 68 ओवरों में दो विकेट खोकर 256 रन बनाए थे।
सलामी बल्लेबाज थरंगा पारानाविताना 229 गेंदों पर 12 चौकों की सहायता से 110 और पूर्व कप्तान माहेला जयवर्धने आठ रन बनाकर नाबाद थे। पारानाविताना ने मैच के पहले दिन अपने करियर का पहला शतक लगाया है।
इसके लिए उन्होंने 201 गेंदों का सामना किया था। इससे पहले कप्तान कुमार संगकारा ने अपने करियर का 22वां शतक लगाकर टीम को मजबूती प्रदान की थी। संगकारा 103 रन बनाकर आउट हुए थे। संगकारा का विकेट वीरेंद्र सहवाग को मिला था।
सहवाग ने उन्हें सचिन तेंदुलकर के हाथों कैच कराया। संगकारा ने 145 गेंदों का सामना करते हुए 12 चौके लगाए थे। श्रीलंकाई स्पिनर मुथैया मुरलीधरन के करियर का यह आखिरी टेस्ट मैच है। मुरली ने टेस्ट मैचों में सर्वाधिक 792 विकेट लिए हैं। ऐसे में जबकि पूरा एक दिन बारिश की भेंट चढ़ गया मुरली के लिए 800 विकेटों के लक्ष्य को हासिल करना मुश्किल दिख रहा है।
मैच शुरू होने से पहले मुरली के सम्मान में गॉल स्टेडियम में एक संक्षिप्त समारोह का आयोजन किया गया था। इस समारोह के दौरान मुरली के सम्मान में धुन बजाई गई। इसके बाद मुरली तालियों की गड़गड़ाहट के बीच मैदान में प्रविष्ट हुए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।