श्रीलंकाई टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने का श्रेय कप्तान कुमार संगकारा के अलावा पूर्व कप्तान माहेला जयवर्धने को जाता है, जो 141 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 52 रन बनाकर खेल रहे हैं।
थिलन समरवीरा 79 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 35 रन बनाकर उनका साथ दे रहे हैं। दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए अब तक 75 रनों की नाबाद साझेदारी निभाई है।
श्रीलंका ने 157 रनों के कुल योग पर कप्तान संगकारा का विकेट गंवाया था। 75 रन बनाने वाले मेजबान कप्तान का विकेट प्रज्ञान ओझा ने लिया। संगकारा ने 114 गेंदों पर पांच चौके और दो छक्के लगाए। ओझा ने उन्हें वीरेंद्र सहवाग के हाथों कैच कराया।
श्रीलंका का दूसरा विकेट सलामी बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान के रूप में गिरा। दिलशान 70 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 40 रन बनाकर भोजनकाल से ठीक पहले रन आउट हुए।
दिलशान को रन आउट करने में कप्तान महेंद्र सिंह धौनी और मुरली विजय का योगदान रहा। श्रीलंका को पहला झटका सलामी बल्लेबाज थरंगा पारानाविताना के रूप में लगा। वह मात्र आठ रन बनाकर ईशांत शर्मा की गेंद पर धौनी के हाथों लपके गए।
मैच शुरू होने से पहले भारत को एक बड़ा झटका लगा। ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह फिट नहीं होने की वजह से मैच में नहीं खेल सके। हरभजन की अनुपस्थिति में भारतीय टीम प्रबंधन ने दो स्पिनरों-प्रज्ञान ओझा और अमित मिश्रा के साथ उतरने का फैसला किया।
इससे पहले, सोमवार को सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर को भी इस टेस्ट के लिए अनफिट घोषित किया गया था। गंभीर के घुटने में सूजन है। इसी सूजन के कारण वह सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में भी नहीं खेल सके थे।
इस मैच में उतरने के साथ ही भारत के दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने सर्वाधिक 168 टेस्ट मैच खेलने का आस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ का रिकार्ड तोड़ दिया। तेंदुलकर अपने करियर के 169वें मैच में खेल रहे हैं।
तीन मैचों की श्रृंखला में मेजबान टीम 1-0 की बढ़त बनाए हुए है। उसने गॉल में खेला गया पहला टेस्ट मैच 10 विकेट से जीता था जबकि कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर खेला गया दूसरा टेस्ट मैच बेनतीजा समाप्त हुआ था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।