नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में जुटी 16000 लोगों की उत्साहित भीड़ की हौसलाआफजाई और पिछली गलतियों से सबक लेते हुए भारतीय हॉकी टीम ने रविावर को खेले गए करो या मरो के मुकाबले में चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान को 7-4 से हराकर 19वें राष्ट्रमंडल खेलों की हॉकी स्पर्धा के फाइनल में जगह बना ली।
इस मैच को जीतने की जितनी बेचैनी भारतीय खिलाड़ियों में थी, उसके कहीं अधिक बेचैनी दर्शकों में अपनी टीम को जीतते हुए देखने की थी। आखिरकार इस मुकाबले के जरिए इस बात का फैसला होना था कि देश में पहली बार हो रहे राष्ट्रमंडल खेलों के सेमीफाइनल में उनकी टीम पहुंच पाएगी या नहीं। साथ ही साथ यह देश के गौरव की भी बात थी क्योंकि यहां मुकाबला दो चिर प्रतिद्वंद्वियों के बीच था।
भारत ने इस मैदान पर खेले गए अपने पिछले मुकाबले में पाकिस्तान को 4-1 से पराजित किया था। उस मैच में भी भारी भीड़ ने टीम का उत्साहवर्धन किया था लेकिन इस बार नेशनल स्टेडियम का नजारा कुछ ज्यादा ही सुहाना दिखा क्योंकि इस बार दर्शकों ने ज्यादा उत्साह के साथ स्टेडियम का रुख किया था।
इस मैच को लेकर लोगों में जितना उत्साह था, वह अद्भुत था। यह उत्साह सिर्फ इसलिए नहीं था कि भारतीय टीम अपना एक बेहद अहम मुकाबला खेल रही थी और उसकी भिड़ंत चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से हो रहा था बल्कि यह इसलिए भी था क्योंकि दिल्ली के लोगों का हॉकी के प्रति प्यार और लगाव अब तक खत्म नहीं हुआ है।
नेशनल स्टेडियम में जितनी भीड़ रविवार को जुड़ी उतनी मार्च में दोनें टीमों के बीच खेले गए विश्व कप मुकाबले के दौरान भी नहीं जुटी थी। भीड़ का इंडिया-इंडिया चिल्लाना और हर एक मूव पर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाना वाकई अद्भुत नजारा था।
बहरहाल, खेल शुरू होने के साथ ही भारत ने दूसरे मिनट में मिले पेनाल्टी कार्नर पर पहला गोल किया। यह गोल ड्रैग फ्लिकर संदीप सिंह ने किया। इस गोल पर दर्शकों ने हजार हाथियों वाली गर्जना के साथ प्रतिक्रिया जाहिर की। इसके बाद भारत माता की जय, इंडिया-इंडिया का नारा और तेज हो गया।
शुरूआती क्षणों में हुए पहले गोल से उत्साहित भारतीय टीम को तीसरे मिनट में दूसरा पेनाल्टी कार्नर मिला लेकिन संदीप का यह प्रयास बेकार चला गया। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों का पाकिस्तानी क्षेत्र में चढ़कर खेलना जारी रहा।
यह सिलसिला यही खत्म नहीं हुआ। नौवें मिनट में भारतीय टीम एक और पेनाल्टी कार्नर हासिल करने में सफल रही लेकिन इस बार भी संदीप का प्रयास नाकाम गया।
10 मिनट के भीतर तीन-तीन पेनाल्टी कार्नर मिलने से भारतीय खिलाड़ियों का मनोबल सातवें आसमान पर पहुंच चुका था और इसी का नतीजा था कि भारत को 10वें मिनट में चौथा पेनाल्टी कार्नर भी मिल गया।
संदीप ने जोरदार ड्रैग फ्लिक करके गोल करने का प्रयास किाय लेकिन गेंद को ब्लॉक करने के प्रयास में मोहम्मद इमरान को पैर में गंभीर चोट लग गई। हालांकि अंपायर ने भारत को इससे पहले ही पांचवां पेनाल्टी कार्नर दे दिया था।
इमरान के उपचार के बाद भारत ने अपने पांचवें पेनाल्टी कार्नर की तैयारी की। इस बार संदीप ने पिछली गलतियों से सबक लेते हुए कुछ अलग तरह से गेंद को पाकिस्तानी गोलपोस्ट में भेजने का प्रयास किया और वह अपने इस प्रयास में सफल भी हो गए।
इस तरह भारत को 11वें मिनट में ही 2-0 की बढ़त मिल गई। पाकिस्तानी टीम 13वें मिनट में भारतीय डी-एरिया में घुसने में सफल रही। उसने घुसने के साथ ही अपना पहला पेनाल्टी कार्नर हासिल किया लेकिन भारतीय गोलकीपर भारत चेतरी ने उसके इस प्रयास को नाकाम कर दिया। गेंद चेतरी के ग्ल्वस से टकराकर दर्शक दीर्घा में चली गई।
अगले छह मिनट तक गेंद इधर-उधर घूमती रही लेकिन 19वें मिनट में भारतीय टीम ने एक जोरदार हमला किया। पहले प्रयास में वह हमला बेकार गया। हालांकि शिवेंद्र को इस बात का आभास था कि अभी भी देर नहीं हुई है और यही कारण था कि वह बाईं छोर पर गेंद का इंतजार कर रहे थे। संदीप के एक लम्बे पास पर शिवेंद्र ने बिजली की गति की फुर्ति से प्रतिक्रिया जाहिर की और भारत को तीसरी सफलता दिलाई।
पाकिस्तान का मनोबल अब पूरी तरह टूट चुका था। जिस आस्ट्रेलियाई टीम ने भारत को 5-2 से पराजित किया था, उसके खिलाफ शानदार खेल दिखाने वाली इस टीम को संभलने का मौका भी नहीं मिला। भारत ने 21वें मिनट में अपना छठा पेनाल्टी कार्नर हासिल किया लेकिन वह बेकार चला गया।
इसके बाद भारत ने पलटकर फिर आक्रमण किया और उसी मिनट में सरवनजीत सिंह की मदद से 4-0 की बढ़त बनाने में सफल रहा। दर्शकों का उत्साह चरम पर था। इंडिया-इंडिया का शोर बढ़ता ही जा रहा था।
ऐसा लग रहा था कि पाकिस्तानी टीम भारतीय रणनीति को समझने लगी थी। 29वें मिनट में उसने एक जोरदार आक्रमण किया और पेनाल्टी स्ट्रोक हासिल करने में सफल रही। मोहम्मद इमरान के इस प्रयास को चेतरी रोक नहीं सके और इस तरह पाकिस्तान ने अपना खाता खोला।
पहल गोल ने पाकिस्तानी खेमे में जोश भर दिया। इससे उस्ताहित पाक टीम ने मैच में वापसी करने के लिए 33वें मिनट में एक बार फिर जोरदार आक्रमण किया। उसका यह प्रयास बेकार नहीं गया क्योंकि मोहम्मद रिजवान ने एक शानदार फील्ड गोल करके अपनी टीम को एक और सफलता दिलाई।
भारतीय टीम ने अब चढ़कर खेलने का फैसला किया। इसका फायदा उसे मिला क्योंकि 35वें मिनट में उसे अपना सातवां पेनाल्टी कार्नर मिला। इस पर संदीप हालांकि गोल नहीं कर सके। प्रयास असफल होने के बाद भी भारत के लिए उम्मीद बनी रही क्योंकि रेफरी ने तुरंत ही उसे आठवां पेनाल्टी कार्नर दे दिया। इस पर भी संदीप गोल नहीं कर सके। इसी योग पर मध्यांतर हुआ।
मध्यांतर के बाद भारत ने 39वें मिनट में अपना नौवां पेनाल्टी कार्नर हासिल किया। इस बार पाकिस्तानी गोलकीपर इमरान शाह पूरी तरह सचेत थे। इमरान ने संदीप का एक अच्छा प्रयास बेकार कर दिया लेकिन गेंद को गलत तरीके से रोकने के प्रयास में भारत को एक और पेनाल्टी कार्नर मिला।
इस बार गोल करने की जिम्मेदारी संदीप के कंधों पर थी। संदीप ने फ्लिक किया और इमरान ने उसे सामने से रोक लिया। गेंद उनके दस्ताने से टकराकर वापस भारतीय खिलाड़ियों को ओर लौटी। इस पर दानिश मुज्तबा ने जोरदार प्रतिक्रिया दिखाई और गेंद को पाकिस्तानी गोलपोस्ट में डाल दिया। भारत को स्कोर 5-2 हो चुका था।
45वें मिनट में भारत ने एक बार फिर जोरदार हमला किया। उसका यह प्रयास बेकार नहीं गया। इस बार धर्मवीर सिंह ने आगे आकर अपनी टीम के लिए गोल किया और स्कोर को 6-2 तक पहुंचा दिया। धर्मवीर ने यह गोल शिवेंद्र के बेहतरीन पास पर किया। शिवेंद्र बाईं ओर से डी-एरिया में घुसते हैं और बेसलाइन के पास पहुंचकर धर्मवीर को एक आसान सा पास देते हैं, जिस पर धर्मवीर बिल्कुल सही प्रतिक्रिया जाहिर करते हैं।
इसके बाद दोनों टीमें के बीच गोल करने का प्रयास जारी रहा। 55वें मिनट में भारत को 11वां पेनाल्टी कार्नर मिलता है। यह प्रयास बेकार चला गया। हालांकि इसे सही तरीके से संचालित किया गया होता तो यह प्रयास सफल हो सकता था।
58वें मिनट में पाकिस्तान को अपना चौथा पेनाल्टी कॉर्नर मिला। पेनाल्टी कार्नर का प्रयास बेकार चला गया लेकिन उसके बाद की आपाधापी में पाकिस्तानी खिलाड़ी इमरान मोहम्मद ने अपनी टीम को तीसरी सफलता दिलाई।
पाक टीम ने जहां बराबरी करने की ठान ली थी वहीं भारतीय खिलाड़ी अपने गोल अंतर को और मजबूत करने के लिए प्रयासरत थे। गेंद जब भी शिवेंद्र के पास आती तो दर्शक जोर का शोर मचाते। शिवेंद्र ने 59वें मिनट में पीछे से मिले एक पास पर आसान सा गोल करके अपनी टीम को स्कोर 7-3 कर दिया।
इसके बाद एक बार फिर गेंद के लिए रस्साकस्सी शुरू हो गई। भारत ने कई बार हमला किया जबकि पाकिस्तान भी पीछे नहीं रहा। भारत को तो सफलता नहीं मिला लेकिन 68वें मिनट में पाकिस्तान को अपना चौथा गोल करने का मौका मिल ही गया। पाकिस्तान के लिए चौथा गोल शकील अब्बासी ने किया। स्कोर 7-4 हो चुका था।
इस मैच की इतिश्री यहीं होनी थी क्योंकि अब समय खत्म हो चुका था। इस तरह भारत इस शानदार जीत के साथ सेमीफाइनल में जगह बनाने में सफल रहा, जहां उसका सामना इंग्लैंड से होगा। दूसरे सेमीफाइनल में तीन बार के राष्ट्रमंडल चैम्पियन और मौजूदा विश्व चैम्पियन आस्ट्रेलिया का सामना न्यूजीलैंड के साथ होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।