भारत सरकार ने गुरुवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को इस संबंध में लिखित तौर पर सूचित करते हुए टीम को पाकिस्तान नहीं भेजने का निर्देश दिया। बीसीसीआई ने सरकार की ओर से मिले निर्देश की पुष्टि करते हुए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को इसकी सूचना दे दी है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी और खेल मंत्री एम.एस. गिल ने बीसीसीआई अध्यक्ष शशांक मनोहर को सरकार के फैसले की जानकारी दे दी है। सूत्रों ने कहा कि सरकार ने इस फैसले के जरिए पाकिस्तान को यह संकेत देने की कोशिश की है कि जब तक वह आतंकवादियों को पनाह देने को लेकर अपने रुख में बदलाव नहीं लाएगा, उसके साथ किसी तरह का संबंध नहीं रखा जाएगा।
बीसीसीआई के प्रवक्ता राजीव शुक्ला ने कहा, "हम पाकिस्तान दौरे पर टीम नहीं भेजेंगे। सरकार ने कहा है कि मौजूदा हालात में टीम को पाकिस्तान नहीं भेजा जा सकता।"
भारतीय टीम को छह जनवरी को पाकिस्तान पहुंचना था, जहां उसे तीन टेस्ट, पांच एकदिवसीय और एक ट्वेंटी-20 मैच खेलना था।
श्रंखला को लेकर संशय बरकरार होने के बावजूद पीसीबी अंतिम समय तक इसकी तैयारी में जुटा था। हालांकि, गिल ने कुछ दिनों पहले ही साफ कर दिया था कि भारतीय टीम का पाकिस्तान दौरे पर जाना संभव नहीं है। इससे पहले, सरकार ने सुरक्षा कारणों से जूनियर हॉकी टीम को पाकिस्तान जाने से रोक दिया था।
सरकार से निर्देश मिलने के साथ ही बीसीसीआई ने बिना देरी किए पीसीबी को दौरा रद्द होने की जानकारी दे दी। पीसीबी को गुरुवार दोपहर बीसीसीआई की ओर से भेजा गया एक ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें श्रंखला के रद्द होने की सूचना थी।
पीसीबी के प्रवक्ता ने कहा, "बीसीसीआई अध्यक्ष शशांक मनोहर ने पीसीबी प्रमुख एजाज बट्ट को ई-मेल के जरिए श्रंखला के रद्द होने की आधिकारिक सूचना दे दी है। मनोहर का ई-मेल गुरुवार को दोपहर 3.33 बजे प्राप्त हुआ।"
प्रवक्ता के मुताबिक बीसीसीआई ने अपने ई-मेल में लिखा है, "हमें सरकार के फैसले का इंतजार था। गुरुवार को सरकार ने इस श्रंखला को रद्द करने का निर्देश दे दिया। हमें कहा गया है कि मौजूदा हालात में भारतीय टीम का पाकिस्तान दौरे पर जाना संभव नहीं।"
उधर, बट्ट ने कहा कि भारत सरकार द्वारा श्रंखला को रद्द करने से पीसीबी को जो झटका लगा है, उससे वह जल्दी ही उबर जाएगा। बट्ट ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, "हमें मालूम है कि भारतीय टीम के पाकिस्तान नहीं आने से पीसीबी को भारी वित्तीय क्षति होगी, लेकिन पाकिस्तान का क्रिकेट इस झटके को झेलकर आगे बढ़ने का प्रयास करेगा।"
बट्ट ने कहा कि प्रस्तावित दौरा रद्द होने से पाकिस्तान ही नहीं भारत को भी नुकसान होगा। बट्ट ने कहा, "हमने इस श्रंखला को बचाने का हरसंभव प्रयास किया लेकिन दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव के कारण हमारा प्रयास सफल नहीं हो सका। मेरा मानना है कि इस श्रंखला के रद्द होने से पूरे क्षेत्र में क्रिकेट प्रभावित होगा।"
साथ ही बट्ट ने लगे हाथ श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (एसएलसी) के अध्यक्ष अर्जुन रणातुंगा को फोन के जरिए अपनी टीम पाकिस्तान भेजने का न्यौता भी दे दिया। बीसीसीआई से दौरा रद्द होने की सूचना मिलने के तुरंत बाद बट्ट ने रणातुंगा से संपर्क किया। हालांकि एसएलसी ने इस संबंध में कोई फैसला नहीं लिया है।
बट्ट ने आईएएनएस को बताया, "श्रीलंका हमारे यहां आकर टेस्ट तथा एकदिवसीय श्रंखला खेलने के लिए इच्छुक है। मैंने रणातुंगा से बात की है और उन्होंने सकारात्मक जवाब भी दिया है।"
भारतीय टीम का दौरा रद्द किए जाने के बाद पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटरों ने मिश्रित प्रतिक्रिया जाहिर की है। कुछ का कहना है कि यह निराशाजनक फैसला है जबकि कुछ का मानना है कि यह फैसला पाकिस्तान को करना चाहिए था।
पूर्व लेग स्पिनर और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की चयन समिति के अध्यक्ष अब्दुल कादिर ने कहा, "भारत सरकार के इस फैसले से क्षेत्र में क्रिकेट पर संकट आ सकता है। हमें इससे बहुत निराशा हुई है।" पूर्व क्रिकेटर बासित अली और जलालउद्दीन ने भी इसी तरह के विचार व्यक्त किए। उनका कहना है कि भारत सरकार के इस फैसले से दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों को निराशा हुई है।
पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने हालांकि कहा है कि भारत सरकार और वहां की मीडिया ने मुंबई पर हुए हमले में जिस तरह पाकिस्तान को सीधे तौर पर दोषी ठहराया है, उसे देखते हुए पाकिस्तान सरकार को श्रंखला रद्द करने की पहल करनी चाहिए थी।
लतीफ ने पाकिस्तानी क्रिकेटरों से कहा कि वे भारत में खेली जाने वाली इंडियन प्रीमियर लीग और इंडियन क्रिकेट लीग जैसी ट्वेंटी-20 प्रतियोगिताओं से नाता तोड़ लें। पूर्व कप्तान जहीर अब्बास ने लतीफ का समर्थन करते हुए कहा कि पाकिस्तान सरकार को भारत के साथ खेल के स्तर पर संबंध पूरी तरह खत्म कर देना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।