यह मैच खिताबी दौड़ से बाहर हो चुकीं दोनों टीमों के लिए प्रतिष्ठा बचाने का जरिया बन सकता है क्योंकि 32 टीमों के बीच 11 जून को शुरू हुई खिताबी दौड़ में तीसरा स्थान पाना अपने आप में बड़ी सफलता मानी जा सकती है। विश्व कप का खिताबी मुकाबला 11 जुलाई को जोहांसबर्ग में स्पेन और हॉलैंड के बीच खेला जाएगा।
इस मैच के लिहाज से इतिहास उरुग्वे के साथ नहीं है। यह टीम 1954 और 1970 में भी सेमीफाइनल में पहुंची थी लेकिन उसमें हारने के बाद उसे चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा था।
दोनों ही मौकों पर उरुग्वे की टीम को प्लेऑफ मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा था। दूसरी ओर, जर्मनी टीम की टीम तीन बार तीसरे स्थान पर रही है। उसने अब तक चार बार प्लेऑफ मुकाबला खेला है लेकिन 1958 में फ्रांस के खिलाफ ही उसने मैच गंवाया है।
दोनों देशों के बीच तीसरे स्थान के लिए यह दूसरी भिड़ंत है। इससे पहले 1970 में दोनों टीमें आमने-सामने थीं लेकिन जर्मनी ने हेल्मट श्कोएन के गोल की मदद से 1-0 से जीत हासिल की थी। दोनों टीमों के बीच अब तक कुल नौ मुकाबले हुए हैं जिनमें से आठ में जर्मनी जीता है।
उरुग्वे को वर्ष 1928 में एमस्टर्डम ओलंपिक के दौरान जर्मनी पर एकमात्र जीत हासिल की थी। वह मैच उरुग्वे ने 4-1 से जीता था। इसके बाद 82 वर्षो से उरुग्वे ने जर्मनी पर जीत नहीं हासिल की है।
स्पेन ने सेंट्रल डिफेंडर कार्ल्स पूयोल के शानदार हेडर पर किए गए गोल की मदद से जर्मनी को 1-0 से पराजित कर पहली बार विश्व कप फाइनल में स्थान बनाया है जबकि हॉलैंड ने उरुग्वे को 3-2 से पराजित किया था। हॉलैंड की टीम 32 वर्ष के बाद फाइनल में पहुंची है।
जर्मनी के लिए खुशी की बात यह है कि अपनी सटीक भविष्यवाणियों से दुनिया भर में स्टार बन चुके पॉल ऑक्टोपस ने उसे ही प्लेऑफ मुकाबला का विजेता चुना है। वैसे अब तक तो पॉल की भविष्यवाणियां सटीक रहीं हैं लेकिन अगले मैच में क्या होगा, कहा नहीं जा सकता।
पॉल ने स्पेन और जर्मनी के बीच खेले गए दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले को लेकर बिल्कुल सटीक भविष्यवाणी की थी। पॉल ने भविष्यवाणी की थी कि जर्मनी की टीम आस्ट्रेलिया, घाना, इंग्लैंड एवं अर्जेटीना के खिलाफ जीत जाएगी लेकिन सर्बिया और स्पेन से उसे हार झेलनी पड़ेगी।
स्पेन और सर्बिया के हाथों मिली हार को दरकिनार कर दिया जाए तो जर्मनी ने आस्ट्रेलिया को ग्रप स्तर में 4-0 से और घाना को 1-0 से पराजित किया था। अंतिम-16 मुकाबले में उसने इंग्लैंड ोक 4-1 के अंतर से धूल चटाई थी जबकि क्वार्टर फाइनल में उसने अर्जेटीना को 4-0 से पराजित किया था।
उरुग्वे की टीम ने अपने पहले मैच में पूर्व चैम्पियन फ्रांस को 0-0 की बराबरी पर रोका था। दूसरे मैच में उसने मेजबान दक्षिण अफ्रीका को 3-0 से हराया था जबकि तीसरे ग्रुप मैच में उसने मेक्सिको को 1-0 के अंतर से मात दी थी।
अंतिम-16 दौर में इस टीम ने दक्षिण कोरिया को 2-1 के अंतर से हराकर क्वार्टर फाइनल में पहुंचने का श्रेय हासिल किया था। इस दौर में उसका सामना घाना से हुआ और वह यह मैच भी 4-2 से जीतने में सफल रहा।
इस मैच का फैसला पेनाल्टी शूटआउट से हुआ। सेमीफाइनल में हालांकि उसे हॉलैंड से हार मिली लेकिन अंतिम समय में किए गए गोल की मदद से उसने एक वक्त हॉलैंड को लगभग डरा दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।