चायकाल के बाद के सत्र के दौरान जब खराब रोशनी के कारण जब खेल रोका गया तब सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने 229 गेंदों पर 12 चौकों और एक छक्के की मदद से 106 रन बना लिए थे।
दूसरी ओर, लंबे समय बाद अपने बल्ले का मुंह खोलने वाले पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ 205 गेंदों पर सात चौकों की मदद से 65 रन बनाए थे। दोनों बल्लेबाज इसी स्कोर पर पेवेलियन लौटे।
गंभीर और द्रविड़ ने दूसरे विकेट के लिए 173 रन जोड़े। गंभीर ने अपने करियर का चौथा शतक पूरा करने के लिए 214 गेंदों का सामना करते हुए 11 चौके और एक छक्का लगाया।
इससे पहले, मोहाली में छाए कोहरे के कारण टॉस में लगभग आधे घंटे की देरी हुई। भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया।
धोनी का फैसला उस समय गलत साबित होता प्रतीत हुआ जब स्टुअर्ट ब्रॉड ने मात्र छह रन के व्यक्तिगत योग पर सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग (0) को विकेट के पीछे मैट प्रॉयर के हाथों कैच करा दिया। इसके बाद हालांकि द्रविड़ और गंभीर ने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए अपनी टीम को मुश्किल से उबार लिया।
सहवाग का विकेट जल्दी गिर जाने के कारण आए दबाव की वजह से भारत की रन बनाने की गति थोड़ी कम हो गई। इसी कारण पहले दिन के 72 ओवर के खेल में भारतीय टीम 2.48 रन प्रति ओवर की गति से ही रन बटोर सकी।
इंग्लैंड की टीम ने एक परिवर्तन के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया। तेज गेंदबाज स्टीव हार्मिसन की जगह युवा गेंदबाज ब्रॉड को मौका दिया गया। भारतीय टीम बिना किसी बदलाव के उतरी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।