चैम्पियंस लीग ने खुद को शोहरत की बुलंदियों को छू चुकी आईपीएल के बाद विश्व क्रिकेट की सबसे लोकप्रिय गैर आधिकारिक ट्वेंटी-20 प्रतियोगिता के तौर पर स्थापित किया है। वर्ष 2009 में भारत में आयोजित इसका पहला संस्करण खासा लोकप्रिय रहा था।
पिछले वर्ष आस्ट्रेलियाई टीम न्यू साउथ वेल्स ने वेस्टइंडीज की घरेलू चैम्पियन टीम त्रिनिदाद एवं टोबैगो को हराकर खिताब जीता था। पहले संस्करण में कुल 12 टीमों ने हिस्सा लिया था लेकिन इस बार इस कुल 10 टीमों के बीच श्रेष्ठता की जंग हो रही है।
चैम्पियंस लीग के दूसरे संस्करण में न्यूजीलैंड से सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट्स स्टैग्स, भारत से चेन्नई सुपर किंग्स, मुंबई इंडियंस और बेंगलोर रॉयल चैलेंजर्स, वेस्टइंडीज से गयाना, दक्षिण अफ्रीका से लायंस और वारियर्स, आस्ट्रेलिया से साउथ आस्ट्रेलिया और विक्टोरिया तथा श्रीलंका से वायंबा की टीमें हिस्सा ले रही हैं।
10 टीमों को पांच-पांच के दो ग्रुप में विभाजित किया गया है। ग्रुप-ए में चेन्नई सुपर किंग्स, वारियर्स, विक्टोरिया, सेंट्रल डिस्ट्रिक्स और वायंबा को रखा गया है जबकि ग्रुप बी में मुंबई इंडियंस, लायंस, साउथ आस्ट्रेलिया, रॉयल चैलेंजर्स और गयाना की टीमें हैं। वर्ष 2009 की तरह इस बार भी चैम्पियंस लीग में 60 लाख डॉलर की पुरस्कार राशि दांव पर है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।