यूसुफ को ट्रेंट ब्रिज में खेले गए पहले टेस्ट मैच में टीम की शर्मनाक पराजय के बाद इंग्लैंड बुलाया गया था लेकिन उन्होंने समय रहते यहां पहुंचने के बावजूद एजबेस्टन में जारी दूसरे टेस्ट मैच में खेलने से इंकार कर दिया।
बल्लेबाजों की नाकामी के कारण पाकिस्तानी टीम एक बार फिर हार के कगार पर है लेकिन यूसुफ को इसका अफसोस नहीं है। वह अब भी अपनी उस बात का पर अड़े हैं कि रमजान के दिनों में क्रिकेट नहीं खेला जाना चाहिए।
समाचार पत्र 'डेली टाइम्स' ने यूसुफ के हवाले से लिखा है, "रमजान में रोजा नहीं रखना पाप है। मैं नहीं समझता कि कि रमजान के महीने में क्रिकेट मैचों का आयोजन होना चाहिए। मैं रमजान में कभी क्रिकेट नहीं खेलूंगा।"
यूसुफ पाकिस्तानी टीम में शामिल एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने इस्लाम कबूल किया है। उनका जन्म ईसाई परिवार में हुआ था। उन्होंने यूसुफ योहाना के नाम से पाकिस्तान के लिए खेलना शुरू किया था लेकिन लम्बे अर्से तक पाक टीम के लिए खेलने के बाद उन्होंने इस्लाम कबूल किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।