कलमाडी ने कहा कि वह अपने पद पर बने रहेंगे और खेलों के आयोजन तक पूरे जोरशोर के साथ सक्रिय रहेंगे क्योंकि राष्ट्रमंडल खेल उनका सपना है। उन्होंने कहा कि वह इसके सफल आयोजन तक अपने तमाम अधिकारियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
कलमाडी ने कहा, "मैं किसी भी आधार पर इस्तीफा नहीं दूंगा। राष्ट्रमंडल खेल मेरा सपना है और इसे पूरा कराए बगैर मैं अपना पद नहीं छोड़ूंगा। जहां तक अनियमितताओं की बात है तो इसकी जांच चल रही है और अब तक जिन लोगों को दोषी पाया गया है, उन्हें निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की जांच चल रही है और तब तक ये लोग निलंबित रहेंगे।"
कलमाडी आयोजन समिति के ऊपर लगे अनियमितताओं के आरोपों के बाद पहली बार मीडिया के सामने आए। गुरुवार को आयोजित पत्रकार सम्मेलन में वह शरीक नहीं हुए थे। उनकी अनुपस्थिति में ओसी के महासचिव ललित भनोत ने मीडिया को संबोधित किया था। बाद में कलमाडी ने कहा था कि आयोजन संबंधी व्यस्तता के कारण वह पत्रकार सम्मेलन में शामिल नहीं हुए थे।
आयोजन समिति ने पिछले साल अक्टूबर में लंदन में आयोजित क्वींस बेटन रिले के आयोजन में अनियमितता बरतने को लेकर अपने तीन प्रमुख अधिकारियों को गुरुवार को निलंबित कर दिया था। निलंबित अधिकारी महानिदेशक स्तर के हैं जबकि एक अन्य अनियमितता को लेकर आयोजन समिति के कोषाध्यक्ष अनिल खन्ना को इस्तीफा देना पड़ा था।
निलंबित होने वालों में टी.एस. दरबारी, संजय महेंद्रू और जयचंद्रन शामिल हैं। खन्ना के स्थान पर अशोक मट्टू को नया कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।