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देशः डेनमार्क
ग्रुपः सी (डेनमार्क,ऑस्ट्रेलिया,पेरू,फ्रांस)
मुकाबलेः पहला मुकाबला 16 जून को पेरू के साथ
21 जून को दूसरा मुकाबला ऑस्ट्रेलिया के साथ
तीसरा मुकाबला 26 जून को फ्रांस के साथ
फीफा रैंकिंगः 12
पिछला विश्वकपः ग्रुप स्टेज (2010)
बेस्ट प्रदर्शनः क्वाटर फाइनल 1998
स्टार खिलाड़ीः क्रिश्चियन एरिक्सन (टोटेनहम हॉटस्पर, मिडफील्डर), कास्पर श्मीशेल (लीसेस्टर, गोलकीपर), निकोलाई जोर्गेन्सन (फेयनोर्ड, आगे)।
कोच: एज हरेइड
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टीम का मूल्यांकन
डेनमार्क देश के लिए फीफा का मुकाबला कोई परंपरा की तरह नहीं रहा है जैसा की उनके बाकी यूपोपीय देशों में हैं। और न ही इस टीम में कोई खास खिलाड़ी हैं जो इस सपने को पूरा कर सकें। लेकिन इस टीम के लिए सबसे खास है उनके कोच एज हरेइड । 2017 इस टीम के लिए शानदार मुकाबला रहा है और इस देश ने पोलैंड जैसी टीम को 4-0 से हराया था। वहीं क्रिश्चियन एरिक्सन इस टीम के सबसे खास खिलाड़ी हैं जो 2010 में साउथ अफ्रीका में हुए मुकाबले में महज 18 साल के थे अब वो 26 साल के हो गए हैं और पहले से ज्यादा अनुभवी भी हो गए हैं।
एरिक्शन अपनी टीम के लिए गोल दागने के साथ-साथ अपने खिलाड़ियों को संभालने का भी काम करते हैं। उनका हर प्रयास डेनमार्क के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा। वहीं इस खिलाड़ी के अलावा जिन दो टीमों पर नजर होगी उनका नाम है निकोलाई जोर्गेन्सन और सिस्टो। जोगेर्सन ने सीरीज ए में 21 गोल दागकर एक शानदार फार्म में दिख रहे हैं। वहीं सिस्टो भी एक शानदार फार्म में नजर आ रहे हैं। वहीं इस टीम में कास्पर श्मीशेल जैसे शानदार गोलकीपर भी हैं। हालांकि इस टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती है की ये टीम दबाव में खेलने के लिए तैयार नहीं है। और इसका प्रदर्शन भी बेहद खराब रहा है।
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भविष्यवाणी
इस ग्रुप की अगर बात करें तो डेनमार्क की टीम फ्रांस को टक्कर देती तो नजर नहीं आ रही है लेकिन इस टीम के लिए ऑस्ट्रेलिया और पेरू से सामना करने के लिए तैयार होना बहुत जरूरी है और वो जीत भी सकती हैं। वहीं यह टीम इस ग्रुप से फ्रांस के साथ सेलेक्ट होकर अंतिम 16 में जगह बना सकती है।


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