समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक 23 साल के फेल्प्स को कुछ दिन पहले दक्षिण केरोलिना विश्वविद्यालय में आयोजित एक समारोह के दौरान शीशे के लंबे पाइप के माध्यम से धूम्रपान करते देखा गया था। इंग्लैंड के समाचार पत्रों ने इस संबंध में फेल्प्स की तस्वीर भी प्रकाशित की थी। लंबे शीशे के पाइप से धूम्रपान करने को आमतौर पर गांजे के सेवन से जोड़कर देखा जाता है।
अपनी इस हरकत के कारण दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित एथलीट माने जाने वाले फेल्प्स की प्रतिष्ठा पर बट्टा लग गया है। इसके कारण ही फेल्प्स को अपनी एक प्रमुख प्रायोजक कंपनी-कैलॉग के साथ हुए करार से भी हाथ धोना पड़ा है।
डब्ल्यूबीएएल टेलीविजन से बातचीत के दौरान फेल्प्स ने कहा, "शीशे के लंबे पाइप से धूम्रपान करना एक बेहद गलत फैसला था। दरअसल, मैंने कभी सोचा नहीं था कि यह मामला इतना गंभीर रूप ले लेगा। मुझे इससे एक सीख मिली है।"
निलंबन की सजा सुनाए जाने से पहले फेल्प्स इस मामले को लेकर माफी मांग चुके हैं। उन्होंने स्वीकार किया है कि इंग्लैंड के समाचार पत्र में प्रकाशित तस्वीर उन्हीं की है लेकिन उन्होंने गांजे के सेवन की बात से इंकार किया।
गांजे को अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के डोपिंग निरोधी नियमों के अंतर्गत प्रदर्शन सुधारने वाले पदार्थ का दर्जा नहीं मिला है लेकिन खिलाड़ियों को इसके सेवन की मनाही है। पहले भी इसके सेवन के लिए कई खिलाड़ियों को प्रतिबंधित किया जा चुका है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।