तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका ने अपनी दूसरी पारी में दो विकेट खोकर 45 रन बना लिए थे। पहली पारी के आधार पर उसे 34 रनों की बढ़त मिली है लेकिन विकेट जिस अंदाज में सहवाग जैसे अनियमित गेंदबाज को मदद कर रही है, उससे साफ है कि चौथे दिन भारतीय गेंदबाज, खासकर स्पिनर श्रीलंका को सस्ते में समेटने और श्रृंखला में बराबरी करने का प्रयास कर सकते हैं।
श्रीलंका टीम ने 39 रन के कुल योग पर अपने दोनों सलामी बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए। सहवाग ने 32 के कुल योग पर थरंगा पारानाविताना (16) को चलता किया जबकि 39 के कुल योग पर तिलकरत्ने दिलशान (13) को आउट किया। कप्तान कुमार संगकारा 12 रन बनाकर नाबाद लौटे जबकि नाइटवॉचमैन सूरज रांडीव ने खाता नहीं खोला है।
इससे पहले, भारत की पहली पारी 436 रनों पर सिमट गई। भारत को पहली पारी के आधार पर 11 रनों की बढ़त मिली थी। श्रीलंका ने अपनी पहली पारी में 425 रन बनाए थे। तीसरे दिन सहवाग ने सफलतापूर्वक अपने करियर का 21वां शतक पूरा किया लेकिन तेंदुलकर पिछले दिन के अपने स्कोर में एक रन जोड़ने के बाद पेवेलियन लौट गए।
तेंदुलकर को लसिथ मलिंगा ने आउट किया जबकि 105 गेंदों पर 19 चौकों की मदद से 109 रन बनाने वाले सहवाग सूरज रांडीव की गेंद पर चनाका वेलेगेदारा के हाथों लपके गए। दूसरे दिन खराब रोशनी के कारण दो ओवर पहले ही खेल समाप्त किए जाने तक वीरेंद्र सहवाग 97 और सचिन तेंदुलकर 40 रन पर नाबाद थे।
पहले सत्र में तेंदुलकर और सहवाग के विदा होने के बाद दिग्गज बल्लेबाज वी.वी.एस. लक्ष्मण और सुरैश रैना ने मोर्चा संभाला। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 105 रन जोड़े। रैना और लक्ष्मण को असंथा मेंडिस ने आउट किया।
रैना ने 64 रन बनाए जबकि लक्ष्मण 56 रन बनाकर पेवेलियन लौटे। रैना ने अपनी 111 गेंदों की पारी में 10 चौके लगाए जबकि लक्ष्मण ने अपेक्षाकृत तेज पारी खेलते हुए 97 गेंदों पर सात चौके जड़े।
चायकाल से पहले कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के रूप में भारत का सातवां विकेट गिरा। धौनी सिर्फ 15 रनों का योगदान दे सके। इसके बाद अमित मिश्रा और अभिमन्यु मिथुन ने बल्लेबाजी का मोर्चा संभाला।
मिश्रा ने 77 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौकों की मदद से 40 रन बनाए जबकि मिथुन 77 गेंदों पर पांच चौकों की सहायता से 46 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों ने आठवें विकेट के लिए नाबाद 88 रन जोड़े। इन्हें सूरज रांडीव ने आउट किया। ईशांत शर्मा (8) सस्ते में विदा हुए जबकि प्रज्ञान ओझा एक रन पर नाबाद रहे।
इससे पहले, ओझा (115/4) और ईशांत (72/3) की उम्दा गेंदबाजी की बदौलत भारतीय टीम ने श्रीलंका की पारी 425 रनों पर समेट दी थी। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने वाली मेजबान टीम के लिए मध्यक्रम के बल्लेबाज थिलन समरवीरा ने सर्वाधिक 137 रन बनाए थे।
तीन मैचों की श्रृंखला में मेजबान टीम 1-0 की बढ़त बनाए हुए है। उसने गॉल में खेला गया पहला टेस्ट मैच 10 विकेट से जीता था जबकि कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर खेला गया दूसरा टेस्ट मैच बेनतीजा समाप्त हुआ था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।