कंपनी ने यह भी कहा है कि आयोजन समिति उसके साथ करार खत्म करके भ्रष्टाचार के कुछ गंभीर मुद्दों को दबाने का प्रयास कर रही है।
आयोजन समिति ने एसएमएएम के साथ वर्ष 2007 में करार किया था लेकिन उसे अब तक उसके काम को लेकर भुगतान नहीं किया गया है। आयोजन समिति ने पिछले सप्ताह कंपनी का करार खत्म कर दिया था। इस कंपनी का नाम प्रायोजक संबंधी विवाद में उछला है। इसे मुख्य रूप से आयोजन के लिए प्रायोजक जुटाने का काम मिला था।
आयोजन समिति का कहना है कि एसएमएएम को 30 जून तक उसे प्रायोजकों से हासिल 12.2 करोड़ डॉलर देने थे लेकिन कंपनी ऐसा नहीं कर सकी। इसे देखते हुए कंपनी का करार खत्म कर दिया गया है।
दूसरी ओर, कंपनी ने दावा किया है कि उसने राष्ट्रमंडल खेल-2010 के आयोजकों को सर्वाधिक आय के स्रोत दिए हैं। यह 2006 में मेलबर्न में हुए राष्ट्रमंडल खेलों से भी अधिक है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस.