ब्रिटेन के समाचार पत्र 'डेली टेलीग्राफ' के मुताबिक ईसीबी के प्रबंध निदेशक हग मौरिस ने इस खबर की पुष्टि कर दी है। मौरिस ने कहा, "हमारी टीम 15 दिनों बाद कैरेबियाई टीम से भिड़ने के लिए रवाना होगी। स्ट्रॉस इस दौरे में टीम की कमान संभालने को तैयार हो गए हैं। उन्हें 2006 में माइकल वॉन की गैरमौजूदगी में टीम का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी जा चुकी है, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया था।"
उधर, स्ट्रॉस ने कहा है कि मुश्किल हालात में वे टीम के लिए कोई भी योगदान देने को तैयार हैं। 'स्काई स्पोर्ट्स' से बातचीत के दौरान स्ट्रॉस ने कहा, "मैं टीम के लिए खेलता हूं और मेरा काम जिम्मेदारी निभाना है। मुझे इस बात से सरोकार नहीं कि वह जिम्मेदारी किस तरह की है। मैं टीम का आदमी हूं और उसके लिए कुछ भी करने को तैयार हूं। इस मुश्किल हालात में मैं बस यही उम्मीद करता हूं कि इंग्लैंड क्रिकेट में जारी सभी विवाद जल्द निपटा लिए जाएंगे और शांति का माहौल कायम हो जाएगा।"
उल्लेखनीय है कि अधिकारों को लेकर पिछले कुछ दिनों से जारी रसाकस्सी का कोई हल नहीं निकलने के बाद पीटरसन और कोच पीटर मूर्स ने बुधवार को अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। 'स्काई स्पोर्ट्स' ने हालांकि बाद में खुलासा किया कि पीटरसन ने तो अपनी मर्जी से इस्तीफा दिया है लेकिन मूर्स को बर्खास्त किया गया है।
क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि पीटरसन ने भारत के खिलाफ दिसंबर में खेले गए चेन्नई टेस्ट मैच में मिली हार के लिए मूर्स को दोषी ठहराया था। जानकारों के मुताबिक पीटरसन इस बात को लेकर खासे आहत थे कि आगामी श्रंखला के लिए पूर्व कप्तान माइकल वॉन को टीम में शामिल नहीं किया गया।
पीटरसन का मानना था कि मूर्स ही वॉन की राह में रोड़ा बन रहे हैं और इसी के मद्देनजर उन्होंने मूर्स को हटाए जाने की धमकी दी थी। साथ ही उन्होंने कहा था कि ऐसा नहीं किया गया तो वे अपना पद छोड़ देंगे।
जहां तक वेस्टइंडीज दौरे की बात है तो ईसीबी मूर्स के सहायक और टीम के बल्लेबाजी कोच एंडी फ्लावर को अंतरिम कोच की जिम्मेदारी सौंप सकता है। हालांकि मौजूदा स्थिति में यह कह पाना मुश्किल है कि फ्लावर यह भूमिका स्वीकार कर ही लेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।