भारत द्वारा निर्धारित 333 रनों के लक्ष्य का पीछा करती हुई श्रीलंका की पूरी टीम 48 ओवरों में 265 रनों पर सिमट गई। श्रीलंका की ओर से विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार संगकारा ने सर्वाधिक 56 रन बनाए। हालांकि उनकी यह पारी श्रीलंका को हार से बचाने के लिए नाकाफी थी।
इस जीत के साथ ही भारत ने जहां लगातार नौ एकदिवसीय मैचों में जीत हासिल करने का नया रिकार्ड बनाया वहीं ऐसा करने वाले धोनी पहले भारतीय कप्तान बन गए। धोनी से पहले गावस्कर, कपिल देव, सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ के नेतृत्व में भारत ने लगातार आठ मैच जीते हैं।
भारत की ओर से इरफान पठान ने सर्वाधिक तीन विकेट लिए जबकि पार्ट टाइम स्पिन गेंदबाज वीरेंद्र सहवाग और तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार ने दो-दो विकेट लिए। सहवाग ने खतरनाक होते दिख रहे विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार संगकारा और कप्तान माहेला जयवर्धने को चलता किया। प्रज्ञान ओझा, युवराज सिंह और युसूफ पठान को एक-एक विकेट से ही संतोष करना पड़ा।
श्रीलंका की ओर से सलामी बल्लेबाज दिलशान ने 38 और कुलसेकरा ने नाबाद 39 रन बनाए। इनके अलावा जयवर्धने और माहरूफ ने 28-28 रनों का योगदान दिया।
इससे पहले, युवा सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर (150 रन) के करियर के सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (94) तथा सुरेश रैना (नाबाद 49) की नायाब पारियों की बदौलत भारतीय टीम एक बार फिर रनों का पहाड़ खड़ा करने में सफल रही।
अपने करियर का छठा शतक लगाने वाले गंभीर की बेहतरीन पारी की बदौलत टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी कर रही भारतीय टीम ने निर्धारित 50 ओवर में पांच विकेट पर 332 रन बनाए। गंभीर को उनकी शानदार पारी के लिए मैन ऑफ द मैच के पुरस्कार से नवाजा गया।
गंभीर ने 147 गेंदों पर 14 चौके और एक छक्का लगाया। इसके साथ ही गंभीर ने एकदिवसीय मैचों में अपना सर्वश्रेष्ठ स्कोर हासिल किया। इससे पहले उनका सर्वोच्च स्कोर 113 रन था। कप्तान धोनी ने 96 गेंदों पर चार चौके और दो छक्के लगाए जबकि रैना 37 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाकर नाबाद लौटे।
भारतीय टीम का पहला विकेट सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग (5) के रूप में 14 रन के कुल योग पर गिरा था। इसके बाद गंभीर और धोनी ने दूसरे विकेट के लिए 188 रनों की साझेदारी निभाई।
धोनी 202 के कुल योग पर आउट हुए। इसके बाद भारतीय टीम ने युवराज (5) और यूसुफ पठान (0) के विकेट भी जल्दी-जल्दी गंवा दिए।
धोनी और गंभीर ने श्रीलंकाई टीम को एक बार फिर ठीक उसी तरह हताश किया, जिस तरह मंगलवार को इसी मैदान पर सहवाग और युवराज ने तीसरे विकेट के लिए 223 रन जोड़कर निराश किया था।
सहवाग ने तीसरे मुकाबले में श्रीलंकाई टीम की मिट्टी पलीद कर दी थी लेकिन इस मैच में तेज गेंदबाज नुवान कुलसेकरा ने तीसरे ओवर की आखिरी गेंद पर ही उन्हें सनत जयसूर्या के हाथों कैच करा दिया।
कुलसेकरा ने युवराज और यूसुफ को भी चलता किया जबकि धोनी जयसूर्या की गेंद पर दिलहारा फर्नाडो के हाथों लपके गए।
इस मैच में एक विकेट लेकर श्रीलंका के दिग्गज स्पिनर मुथैया मुरलीधरन विश्व के सबसे सफल एकदिवसीय गेंदबाज बन गए। मुरलीधरन ने 503 विकेट लेकर पाकिस्तान के वसीम अकरम के विश्व रिकार्ड को पीछे छोड़ दिया। अपने करियर के 328वें मैच में खेलते हुए 36 वर्षीय मुरलीधरन ने गंभीर का विकेट लेकर यह सफलता हासिल की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।