फीफा विश्व कप: इंतजार की घड़ियां खत्म, आज होगा फैसला
By Neha Nautiyal
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नई दिल्ली। जोहांसबर्ग के सॉकर सिटी स्टेडियम में 11 जून को शुरू हुआ फुटबॉल का महाकुंभ यानी फीफा विश्व कप-2010 अब समाप्ति के कगार पर पहुंच चुका है। रविवार को इसी स्टेडियम में यूरोपीयन चैम्पियन स्पेन और हॉलैंड के बीच भारतीय समय अनुसार रात 12 बजे खिताबी मैच खेला जाएगा और इसी के साथ अगले चार सालों के लिए इन दोनों में से कोई एक टीम फुटबॉल विश्व चैंपियन बन जाएगी।
परिणाम चाहे जो भी हो लेकिन इस बार दुनिया को नया विश्व चैम्पियन मिलेगा क्योंकि मौजूदा चैम्पियन इटली, पांच बार के चैम्पियन ब्राजील, तीन बार के चैम्पियन जर्मनी, दो बार के चैम्पियन अर्जेटीना तथा उरुग्वे, इंग्लैंड और फ्रांस की चुनौती समाप्त हो चुकी है।
तीसरे स्थान पर रहा जर्मनी
उरुग्वे ने जर्मनी के हाथों हारने के बाद चौथा स्थान हासिल किया जबकि जर्मनी सर्वाधिक चौथी बार विश्व कप का कांस्य हासिल किया। उसने पोर्ट एलिजाबेथ में शनिवार को उरुग्वे को 3-2 से पराजित किया। वैसे भी इस मैच के लिहाज से इतिहास उरुग्वे के साथ नहीं था।
यह टीम 1954 और 1970 में भी सेमीफाइनल में पहुंची थी लेकिन उसमें हारने के बाद उसे चौथे स्थान से ही संतोष करना पड़ा था। दोनों ही मौकों पर उरुग्वे की टीम को प्लेऑफ मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा था। दूसरी ओर, जर्मनी की टीम अब तक चार बार तीसरे स्थान पर रही है। इतनी अधिक बार किसी टीम ने तीसरे स्थान का प्लेऑफ मैच नहीं जीता है।
इटली और फ्रांस की टीमों की हालांकि बहुत बुरी गत हुई क्योंकि तमाम दिग्गज खिलाड़ियों से लैस होने के बावजूद ये टीमें अंतिम-16 दौर में भी जगह नहीं बना सकीं। फ्रांस की टीम ग्रुप स्तर पर एक भी मैच नहीं जीत सकी थी। इटली की टीम को एक मैच में हार मिली जबकि उसे दो बार ड्रॉ खेलना पड़ा।
इटली को हराकर स्लोवाकिया की टीम ने ग्रुप-एफ से अंतिम-16 में पहुंचने का श्रेय हासिल किया था। पहली बार विश्व कप में खेल रहे इस छोटे से देश के लिए यह बहुत बड़ी सफलता थी। इसके अलावा सर्बिया, आइवरी कोस्ट, और ग्रीस का दूसरे दौर में नहीं पहुंच पाना भी चौंकाने वाला रहा। स्लोवाकिया को हालांकि इस दौर में हॉलैंड के हाथों 2-1 से हार मिली लेकिन यह टीम अपने शानदार खेल से लोगों का दिल जीतने में सफल रही।
पहली बार फाइनल में स्पेन
स्पेन की टीम पहली बार फाइनल में पहुंची है जबकि हॉलैंड ने तीसरी बार खिताबी मुकाबले में जगह बनाई है। हॉलैंड ने 1974 और 1978 में फाइनल खेला था लेकिन खिताब जीतने का उसका सपना अधूरा रह गया था। 2008 में यूरो कप जीतने वाली स्पेन की टीम के चैम्पियन बनने के पूरे आसार हैं क्योंकि विशेषज्ञ और जर्मनी के विख्यात 'पॉल बाबा' ऑक्टोपस ने भी उसे संभावित विजेता करार दिया है।
घाना और अमेरिका के लिए भी दूसरे दौर में पहुंचना बड़ी खबर थी। अमेरिका का सफर तो यहीं समाप्त हो गया क्योंकि घाना ने उसे हराने के बाद क्वार्टर फाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया। क्वार्टर फाइनल में उसे हालांकि उरुग्वे के हाथों हार का सामना करना पड़ा। 1930 और 1950 में खिताब जीत चुकी उरुग्वे की टीम ने अपने अंतिम-16 दौर के मुकाबले में दक्षिण कोरिया को हराया था।
पहली बार विश्व कप खेल रहे स्लोवाकिया को हराकर क्वार्टर फाइनल में पहुंची हॉलैंड की टीम ने पांच बार के चैम्पियन ब्राजील को हराकर बहुत बड़ा उलटफेर किया। ब्राजील की टीम चिली को 3-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में पहुची थी लेकिन हॉलैंड की टीम ने ब्राजील की एक न चलने दी और 2-1 से शानदार जीत दर्ज करके सेमीफाइनल में पहुंचने का गौरव हासिल किया।
इस हार ने ब्राजील की टीम के कोच कार्लोस डूंगा और उनके तीन सहयोगियों की नौकरी ले ली। हॉलैंड की टीम सेमीफाइनल में उरुग्वे को 3-2 से हराकर फाइनल में पहुंचे में सफल रही। स्पेन की टीम ने तीन बार के चैम्पियन जर्मनी को हराकर फाइनल में पहुंचने का श्रेय हासिल किया। जर्मनी की टीम खिताब का दावेदार मानी जा रही दो बार के चैम्पियन अर्जेटीना की टीम को हराकर सेमीफाइनल में पहुंची थी। जर्मनी ने अपनी अंतिम-16 दौर के मुकाबले में इंग्लैंड को 4-1 से पराजित किया था।
अर्जेटीना ने हिग्वेन की शानदार हैट्रिक की बदौलत अपने अंतिम-16 दौर के मुकाबले में मेक्सिको को 3-1 से हराया था। अपने अंतिम-16 मैच में स्पेन ने क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाली टीम का गुरूर ध्वस्त किया था। स्पेन ने यह मैच डेविड विला के एकमात्र गोल की मदद से 1-0 से जीता था। अगले दौर में स्पेन की भिड़ंत पराग्वे से हुई और उसने एक बार फिर विला के गोल की मदद से यह मैच भी 1-0 से जीता।
पराग्वे की टीम जापान को 5-3 से हराकर क्वार्टर फाइनल में पहुंची थी। जापान और उरुग्वे के हाथों दक्षिण कोरिया की हार के साथ विश्व कप में एशियाई चुनौती समाप्त हो गई। अर्जेटीना को हराकर सेमीफाइनल में पहुंची जर्मनी की टीम तथा पराग्वे को हराकर सेमीफाइनल में पहुंची स्पेनी टीम के बीच जोरदार टक्कर हुई, जिसमें स्पेन ने 1-0 से जीत दर्ज की।