मॉस्को। फीफा वर्ल्ड कप 2018 के प्री क्वार्टर फाइनल मुकाबलों के अब बारी है क्वार्टर फाइनल मुकाबलों की जहां 8 टीमें अपनी किस्तम आजमाएंगी। 6 जुलाई यानी शुक्रवार से शुरू हो रहे क्वार्टर फाइनल मुकाबले में पहला मुकाबला उरुग्वे और फ्रांस के बीच होगा। आपको बता दें कि अब तक 3 विश्व विजेता देश टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं। अब एक और विश्व विजेता का क्वार्टर फाइनल में बाहर होना तय है, क्योंकि फ्रांस और उरुग्वे के बीच मुकाबला होगा, इसमें से एक ही सेमीफाइनल में प्रवेश करेगा। ऐसे में क्वार्टर फाइनल के पहले मुकाबले के बाद फुटबॉल के 4 धुरंधर देश इस वर्ल्ड कप से बाहर हो जाएंगे। उरुग्वे 1930 और 1950 का विश्व विजेता रहा है और फ्रांस ने 1998 का फाइनल जीता था।
हालांकि मुकाबले की बात करें तो फ्रांस और उरुग्वे, दोनों के लिए ही एक दूसरे के डिफेंस को तोडना बड़ी चुनौती रहेगी। दो बार की विजेता उरुग्वे और एक बार की चैंपियन फ्रांस के डिफेंडरों का टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन रहा है। दोनों में से जो भी टीम निजनी नोवगोरोड स्टेडियम में डिफेंस को तोडने में सफल हुई वो सेमीफाइनल का टिकट पा लेगी। दोनों टीमें प्री-क्वार्टर फाइनल में दिग्गज खिलाडियों की टीमों को हराकर आई हैं। उरुग्वे ने प्री-क्वार्टर फाइनल में क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल को हराया था तो वहीं फ्रांस ने लियोन मेसी की अर्जेटीना को शिकस्त देकर अपने खिताबी अभियान को जिंदा रखा है।
वर्ल्ड कप में अब तक ज्यादातर मुकाबले टीमों के स्टार खिलाड़ियों की वजह से आकर्षण का केंन्द्र बनते आए हैं लेकिन ये दोनों ही टीमें ऐसी हैं जिन्होंने साबित किया है इस खेल में किसी स्टार की मोहताज नहीं होती होती है। उरुग्वे की सबसे बड़ी ताकत उसका डिफेंस हैं। कप्तान डिएगो गोडिन के साथ जोस जिमेनेज, मार्टिन कासेरेस और डिएगो लक्साट के साथ-साथ गोलकीपर फर्नांडो मुसलेरा ने इस वर्ल्ड कप में एक ऐसी दीवार खड़ी की है जिसे ग्रुप स्टेज के तीन मुकाबलों में कोई टीम भेद नहीं सकी थी। प्री क्वार्टर फाइनल में पुर्तगाल के पेपे ने एक गोल जरूर दागा लेकिन वो भी उनकी टीम को जिता नही सका। आपको बता दें कि उरुग्वे के अलावा बस ब्राजील ही ऐसी टीम है जिसने इस वर्ल्ड कप में बस एक ही गोल ही खाया है।
हालांकि उरुग्वे के लिए सबसे बड़ी चिंता पुर्तगाल के खिलाफ दो गोल करने वाले उसके स्ट्राइकर एडिनसन कावानी हैं जो पिंडली की चोट के चलते परेशान हैं। प्री-क्वार्टर फाइनल में उन्हें चोट लग गई थी और इसलिए उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा था। वह क्वार्टर फाइनल में खेलेंगे या नहीं इस पर अभी संदेह है। वहीं फ्रांस के डिफेंस ने मेसी जैसे खिलाड़ी को बांधे रखा हालांकि वो एक गोल कर गए थे लेकिन उसके बाद वह खुलकर नहीं खेल पाए। फ्रांस में उमिति, वरान के ऊपर उरुग्वे के अटैक को रोकना टेढ़ी खीर साबित हो सकता है लेकिन यह भी किसी से कम नहीं है। हालांकि प्रतिबंध के चलते माटुइडी इस मैच में नहीं खेलेंगे।