मॉस्को। कहते हैं कि एक खिलाड़ी मैदान पर अपने खेल से और मैदान के बाहर अपने काम से ही बड़ा बनता है। शनिवार को खेले गए फीफा वर्ल्ड कप 2018 के पहले नॉकआउट मुकाबले में फ्रांस की टीम ने दो बार की चैंपियन अर्जेंटीना को 4-3 से हराकर वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया। फ्रांस की इस जीत में उसके सबसे बड़े हीरो बनकर उभरे 19 वर्षीय किलियन एमबाप्पे, पेरिस सेंट-जर्मैन के लिए खेलने वाले एमबाप्पे ने नॉकआउट मुकाबले में अर्जेंटीना के खिलाफ दो गोल दागे और अपनी टीम की जीत सुनिश्चित की। मैदान पर अपने खेल से इतिहास रचने वाले एमबाप्पे ने मैदान के बाहर हो जो किया है उसे जानकर आप उनके दीवाने हो जाएंगे।
दरअसल फ्रांस की फुटबॉल सनसनी कहे जाने वाले एमबाप्पे ने 19 साल की उम्र में ही वो काम किया है जो बड़े से बड़े दिग्गज अपनी पूरी उम्र नहीं कर पाते हैं। रूस में जारी फीफा वर्ल्ड कप में एमबाप्पे ने ऐलान किया है कि इस वर्ल्ड कप के दौरान फ्रांस के लिए खेलते हुए वह जो कुछ भी कमाएंगे उसे एक चैरिटी के लिए दान कर देंगे। ये चैरिटी विकलांग बच्चों के लिए काम करती है। एमबाप्पे अपने सभी इंटरनेशनल मैच की फीस को दान करेंगे।
Kylian Mbappé will donate everything he earns with #FRA at the #WorldCup to charity. This will add up to €20,000 per game.
— Laureus (@LaureusSport) June 29, 2018
He believes players don't need money to represent their country.
Legend. pic.twitter.com/1KujzRn1or
मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, एमबाप्पे का मानना है कि किसी को अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए भुगतान नहीं किया जाना चाहिए। खबरों के मुताबिक एमबाप्पे करीब 20 हजार यूरो (करीब 16 लाख रुपए) प्रति मैच दान करेंगे। वे एक चैरिटी संगठन प्रीयर्स डी कॉर्डीस एसोसिएशन को अपना पैसा दान करेंगे जो विकलांग बच्चों के लिए खेल गतिविधियों को व्यवस्थित करने में मदद करता है। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि यदि टीम विश्वकप ट्रॉफी जीतने में सफल होती है तो फ्रांस के इस फॉरवर्ड को 265,000 यूरो बोनस के तौर पर मिलेंगे।
गौरतलब है कि पिछले साल समर ट्रांसफर विंडो के तहत एमबाप्पे को 166 मिलियन पाउंड में पीएसजी ने मोनाको से खरीदा था। 19 वर्षीय फॉरवर्ड, फुटबॉल में सबसे महंगा टीनेजर खिलाड़ी है। कीलियन एमबाप्पे ने अर्जेंटीना के खिलाफ शानदार खेल दिखाया। उन्होंने अपनी गति से सभी को खासा प्रभावित किया है। एमबाप्पे ने अर्जेंटीना के खिलाफ 64वें मिनट में और 68वें मिनट लगातार दो गोल कर अपनी टीम को क्वार्टरफाइनल में पहुंचा दिया। एम्बाप्पे विश्व कप के नॉकआउट मैच में दो गोल करने वाले 20 साल कम उम्र के दूसरे खिलाड़ी बने। इससे पहले ब्राजील के पेले ने 1958 में स्वीडन के खिलाफ ऐसा किया था।