मॉस्को। सऊदी अरब और मिस्र की टीमें फीफा वर्ल्ड कप से बाहर हो चुकी हैं। हालांकि अभी उनका आखिरी मुकाबला बचा है जिसमें दोनों टीमें जीत के साथ विदाई लेने की कोशिश करेंगी। सऊदी अरब और मिस्र की टीमें सोमवार को होने वाले ग्रुप-ए के अपने आखिरी मैच में जीत के साथ टूर्नामेंट को अलविदा कहना चाहेगी। सऊदी अरब और मिस्र की टीमें ग्रुप चरण में दो-दो मैच हारकर अंतिम-16 में प्रवेश करने से चूक गईं, जिसके बाद अब लीग में उनका आखिरी मैच अब बस मात्र औपचारिकता ही बची है। सऊदी अरब को अपने मैच में मेजबान रूस से 0-5 से और दूसरे मैच में उरुग्वे से 0-1 से हार का सामना करना पड़ा है।
वहीं मिस्र की टीम भी पहले दो मैचों में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाई। टीम को अपने पहले मैच में मोहम्मद सलाह की गैर मौजूदगी में उरुग्वे से 0-1 से और दूसरे मैच में रूस से 3-1 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी। मिस्र ग्रुप में तीसरे नंबर पर है। प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष दो टीमें अंतिम-16 के लिए क्वालिफाई करेगी। ग्रुप-ए से रूस और उरुग्वे अंतिम-16 के लिए क्वालीफाई कर चुकी है।
सऊदी टीम पिछले 24 वर्षों में विश्व कप में एक भी मैच नहीं जीत पाई है। लेकिन टीम चाहेगी सोमवार को मिस्र के खिलाफ मुकाबले में वह रिकॉर्ड को तोड़े। टीम ने दो मैचों में अभी तक अपने अंकों का खाता नहीं खोला है और वह अपने ग्रुप में सबसे नीचे चौथे स्थान पर है। सऊदी अरब विश्व कप के 21वें संस्करण में अभी तक एक भी गोल नहीं कर पाई है।
हालांकि सऊदी अरब की सबसे बड़ी ताकत टीम में मौजूद खिलाड़ियों की एकजुटता मानी जा रही थी। लेकिन दोनों ही मैचों में टीम का डिफेंस पूरी तरह विफल रहा। मिस्र की बात करें तो स्टार खिलाड़ी मोहम्मद सलाह चाहेंगे कि वे जीत के साथ टूर्नामेंट का समापन करें। जिनके नाम एक मैच में एक गोल है।