मॉस्को। फीफा वर्ल्ड कप 2018 में पहले से ही नॉकआउट में अपना स्थान पक्का कर चुकीं रूस और उरुग्वे की टीमें सोमवार को आपस में भिड़ेंगी तो दोनों टीमों की निगाहें ग्रुप में टॉप करने पर होंगी। मेजबान रूस ने जब विश्व कप की शुरुआत की थी तो उसकी टीम को देश में ही कोई भाव नहीं दे रहा था और यह माना जा रहा था कि यह टीम ग्रुप चरण में ही बाहर हो जायेगी लेकिन रूसी टीम ने करिश्मा किया और आज टीम नॉकऑउट में पहुंचने के बाद अपने देशवासियों की उम्मीदों को परवान चढ़ा चुकी है। यही नहीं उसने अपने पहले मैच में सऊदी अरब और दूसरे मैच में मिस्र जैसी टीमों को हराया है। विश्व कप 2018 में सबसे निचली रैंकिंग की टीम रूस का सोमवार को दो बार के पूर्व चैंपियन उरुग्वे से मुकाबला होना है जिससे ग्रुप ए की शीर्ष टीम का फैसला होगा।
रूस ने अपने पहले मैच में सऊदी अरब को 5-0 से और दूसरे मैच में मिस्र को 3-1 से हराया था। फीफा के एक दिलचस्प आंकड़े के अनुसार रूस ने अपने पहले मैच में किसी अन्य टीम से ज्यादा मैदान कवर किया है। रूस ने सऊदी अरब के खिलाफ समग्र रूप से कुल 118 किलोमीटर दौड़ लगायी और मिस्र के खिलाफ अगले मैच के बाद अपनी समग्र दौड़ को 233 किलोमीटर से ज्यादा पहुंचा दिया। रूस के अलेक्सांद्र गोलोविन ने अकेले ही 25.15 किलोमीटर की दौड़ लगा ली है। इन तथ्यों से पता चलता है कि मेजबान टीम ने अपने मैचों में कितनी मेहनत की है।
वहीं दूसरी तरफ उरुग्वे की टीम ने भले ही अपने दोनों मैच जीते हैं लेकिन उसे बड़े कम अंतराल से जीत का स्वाद मिला। उरुग्वे ने मिस्र और सऊदी अरब के खिलाफ अपने दोनों मैच 1-0 के अंतर से जीते हैं। हालांकि रूस के खिलाफ उसकी नजरें ग्रुप को टॉप करने पर लगी होंगी ताकि उसे राउंड 16 में ग्रुप बी की विजेता टीम से न भिडना पड़े।
रूस, उरुग्वे के खिलाफ भी पूरी तैयारी से उतरेगी। उरुग्वे का दारोमदार लुइस सुआरेज पर होगा और रूस का कोचिंग स्टाफ उनके खिलाफ रणनीति तैयार कर चुका होगा। वहीं उरुग्वे की बात की जाए तो उसकी आक्रमण पंक्ति अपनी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई। दो मैेचों में टीम ने सिर्फ दो गोल किए हैं। हालांकि उसका डिफेंस अच्छा कर रहा है। रूस के खिलाफ उसे अपने डिफेंस पर ही ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि मेजबान पहले मिनट से ही आक्रामक खेल रहे हैं। ऐसे में डिएगो गोडिन के कंधों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है।
उरुग्वे vs रूस - 07:30PM - समेरा