हालांकि इंग्लिश और स्कॉटिश फुटबॉल एसोसिएशन की मांग थी कि फीफा के अधिकारियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के मद्देनज़र चुनाव को स्थगित कर दिया जाए. इस मांग को फीफा के सदस्य देशों में से सिर्फ़ 17 ने ही समर्थन दिया था. मतदान के बाद सेप ब्लैटर को विजेता घोषित किया गया. जीत के बाद ब्लैटर का कहना था कि वो फीफा के जहाज़ को फिर से सही रास्ते पर ले आएंगे लेकिन इसमें समय लगेगा.
;ब्लैटर 2015 तक फीफा के अध्यक्ष बने रहेंगे और उन्हें इन चुनावों में 203 सदस्य देशों के 186 वोट मिले. जीत के बाद ब्लैटर ने कहा, '' मैं सभी का शुक्रिया अदा करता हूं कि उन्होंने मुझ में अपना विश्वास बनाए रखा. हमारा पिरामिड बरकरार है. क्योंकि हमारी नींव मज़बूत है. हमें अगले चार साल तक अपना काम करना है.""
;ब्लैटर का कहना था, '' हम फीफा के जहाज़ को सही रास्ते पर ले आएंगे जहां पारदर्शिता होगी और साफगोई होगी. हमें ऐसा करने के लिए थोड़ा समय चाहिए और हम ऐसा करके रहेंगे.""
;इससे पहले फीफा अध्यक्ष ने कहा था कि वो फीफा में सुधारों को लागू करेंगे जिसमें विश्व कप आयोजनों के लिए देशों को चुनने की प्रक्रिया में सुधार भी शामिल होगा. फीफा के अध्यक्ष के लिए मतदान से पहले इंग्लैंड और स्कॉटिश फुटबॉल संघों ने फीफा की कांग्रेस के समक्ष प्रस्ताव रखा था कि भ्रष्टाचार के आरोपों के मद्देनज़र मतदान को स्थगित कर दिया जाए लेकिन उनके प्रस्ताव को 206 में से 172 वोटों से नकार दिया गया.
;ब्लैटर के प्रतिद्वंद्वी मोहम्मद बिन हम्माम पहले ही भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरने के बाद अपना नाम उम्मीदवारी से वापस ले चुके थे.आरोपों के बाद उन्हें कार्यकारी समिति से निलंबित भी कर दिया गया है और उनके ख़िलाफ़ जांच चल रही है.