नई दिल्ली। इंडियन सुपर लीग(आईएसएल) के पांच क्लब एशियाई फुटबॉल परिसंघ (एएफसी) और राष्ट्रीय लाइसेंसिंग मानदंडों को पूरा नहीं कर सकते हैं। अब टूर्नामेंट शुक्रवार को शुरू हो रहा है, लेकिन इस लीग में भाग के लिए मानदंडों को पूरा नहीं कर पाने वाली टीमों को फैसले के खिलाफ अपील करनी होगी या एआईएफएफ (अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ) से छूट लेनी पड़ेगी।
नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी, केरल ब्लास्टर्स, ओडिशा एफसी, हैदराबाद एफसी और इस लीग की नई टीम स्पोर्टिंग क्लब ईस्ट बंगाल को एआईएफएफ द्वारा एएफसी और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए अहम लाइसेंस नहीं दिया है, जबकि बेंगलुरु एफसी, जमशेदपुर एफसी, एफसी गोवा, एटीके मोहन बागान, चेन्नईयिन एफसी और मुंबई सिटी एफसी ने एएफसी और राष्ट्रीय लाइसेंस सफलतापूर्वक हासिल कर लिए हैं।
एआईएफएफ के लीगों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनंदो धर ने बयान जारी करते हुए कहा,, ''अगर इन पांच क्लब को आईएसएल में भाग लेना है तो उन्हें इस फैसले के खिलाफ अपील करनी होगी या फिर इसके लिए छूट देने की मांग करनी होगी।''
बता दें कि कोई क्लब अगर एएफसी लाइसेंस हासिल करने में विफल रहता है तो वह आईएसएल से क्वालीफाई करने के बाद भी एएफसी चैंपियंस लीग और एएफसी कप में भाग नहीं ले सकता है। हालांकि ऐसा हर सीजन में देखने को मिलता है जब कुछ क्लब लाइसेंस हासिल नहीं कर पाते हैं, परंतु वे इसके लिए छूट की मांग करते है। मौजूदा 2020-21 सत्र के लिए राष्ट्रीय और एएफसी क्लब लाइसेंस के लिए 19 टीमों ने आवेदन किए थे जिसमें से आठ क्लब आई-लीग के है। आई-लीग क्लबों के लाइसेंस पर बाद में विचार किया जाएगा।