ब्रिटेन के समाचार पत्र 'द टाइम्स' ने आर्थटन के हवाले से लिखा है, "मैं नहीं समझता कि इस हार के लिए पीटरसन की आलोचना की जानी चाहिए। यह नहीं भूलना चाहिए कि उनकी कप्तानी में यह दूसरा ही मैच था और फिर चेन्नई जैसे हालात से उनका कभी सामना भी नहीं हुआ।"
आर्थटन के मुताबिक पीटरसन दक्षिण अफ्रीका में पले-बढ़े हैं और इंग्लैंड में खेले हैं। दक्षिण अफ्रीका या फिर इंग्लैंड में चेन्नई जैसी पिच कहीं नहीं पाई जाती। ऐसे में कोई भी नया कप्तान हालात के मुताबिक रणनीति नहीं बना सकता।
बकौल आर्थटन, "पीटरसन के लिए हालात बिल्कुल नए थे। हमने चेन्नई की पिच की हालत देखी है। इस लिहाज से उनकी आलोचना बेमानी होगी। ऐसी स्थिति में जब टीम में कुछ बेहद अनुभवी खिलाड़ी होते हैं तो वे नए कप्तान की मदद करते हैं। यहीं पर अनुभवी खिलाड़ियों की महत्ता समझ में आती है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।