सीजीओसी के महासचिव ललित भनोत ने बताया कि तीन सदस्यीय पैनल में सीजीओसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जरनैल सिंह, विशेष वित्त महानिदेशक जी.सी. चतुर्वेदी और सीजीओसी की मुख्य सतर्कता अधिकारी गुरज्योत कौर को शामिल किया गया है।
भनोत ने कहा, "सीजीओसी ने अपने ऊपर लगे अनियमितता से जुड़े आरोपों को गंभीरता से लिया है। इसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय पैनल गठित किया गया है। यह पैनल क्वींस बैटन रिले के दौरान ली गई सेवाओं के बदले एक ब्रिटिश कंपनी को किए गए भुगतान से जुड़े मामले की जांच करेगी। पैनल विशेष तौर पर इस बात पर ध्यान केंद्रित करेगा कि सेवाएं लेने के दौरान किन-किन मदों की जरूरत से अधिक कीमत तय की गई थी।"
इस बीच, ए.एम. फिल्म्स को मुहैया कराए गए लाखों पाउंड के भुगतान से जुड़े विवाद को लेकर अपनी स्थिति साफ करने के लिए सीजीओसी के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी ने मंगलवार को विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा से मुलाकात की।
विदेश मंत्री से मुलाकात के दौरान कलमाडी ने विशेष रूप से उस मुद्दे पर चर्चा की, जिसके अंतर्गत उन्होंने दावा किया है कि ए.एम. फिल्म्स और उसकी एक सहयोगी कंपनी से सेवाएं लेने के लिए ब्रिटेन स्थित भारतीय उच्चायोग के एक अधिकारी ने संस्तुति प्रदान की थी।
ऐसा कहा जा रहा है कि पिछले वर्ष अक्टूबर में लंदन में आयोजित क्वींस बैटन रिले के दौरान ओसी ने एक भारतीय उद्योगपति की कंपनी को 450,000 पाउंड का भुगतान किया है। विवाद का मुद्दा यह है कि ओसी ने इस कंपनी को बिना किसी कागजी दस्तावेज के इतनी बड़ी रकम की भुगतान की है।
ओसी का दावा है कि ए.एम. फिल्म्स को उसकी सेवाओं के बदले यह रकम दी गई है। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया है कि इस कंपनी से सेवाएं लेने के लिए उच्चायोग ने ही उसका नाम आगे किया था। इस संबंध में कलमाडी ने रविवार को उच्चायोग के एक कनिष्ठ अधिकारी द्वारा भेजे गए ईमेल का भी उल्लेख किया था।
उधर, उच्चयोग ने कलमाडी के दावों को नकारते हुए उनके आरोपों का जवाब देने की तैयारी शुरू कर दी है। उच्चायोग के प्रवक्ता रवीश कुमार ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान सोमवार को कहा था, "हम सभी पक्षों की विस्तार से जांच कर रहे हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।