चैंपियनशिप के आयोजन सचिव जावेद खान ने बुधवार को आईएएनएस को बताया कि इस चैंपियनशिप का आयोजन टीएफआई के बैनर तले किया जा रहा है लेकिन टीएफआई के अध्यक्ष हरीश कुमार (सेवानिवृत आई.ए.एस) ने नई दिल्ली में आईएएनएस को बताया कि उन्हें या फिर एशियाई ताइक्वांडो महासंघ (एटीयू) को इस आयोजन की कोई जानकारी नहीं।
कुमार के मुताबिक लखनऊ में कराई जाने वाली चैंपियनशिप किसी फर्जी संस्था की कारगुजारी हो सकती है क्योंकि धन कमाने के लिए दुनिया भर में ऐसे आयोजन होते रहते हैं और इन्हें सफल बनाने के लिए लोग राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय महासंघों के बैनर का इस्तेमाल करते हैं।
खान के मुताबिक दो दिवसीय प्रतियोगिता में भारत के अलावा अफगानिस्तान, नेपाल और मलेशिया की टीमें हिस्सा लेंगी लेकिन कुमार ने कहा कि एटीयू की वेबसाइट पर इस आयोजन का कोई जिक्र नहीं है क्योंकि इस वर्ष भारत में कोई अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता होनी ही नहीं है।
कुमार के मुताबिक जिन विदेशी टीमों को इसमें हिस्सा लेने के लिए बुलाया गया है वे या तो जानबूझकर आई हैं या फिर उन्हें भुलावे में रखा गया है। भारत पहुंचकर जब ये टीमें बेंगलुरू स्थित टीएफआई के दफ्तर में संपर्क करती हैं तब जाकर उन्हें पता चलता है कि उन्हें किसी साजिश का निशाना बनाया गया है।
दूसरी ओर, 1998 में टीएफआई के अध्यक्ष पद का चुनाव हारने के बाद इलाहाबाद उच्च न्यायालय की शरण में जाने वाले जिमी जगतयानी का कहना है कि कुमार जो दावे कर रहे हैं वह न्यायालय के आदेश के खिलाफ है क्योंकि न्यायालय अपना फैसला सुना चुका है और उसमें कुमार खेमे को टीएफआई के बैनर का इस्तेमाल नहीं करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।