टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंकाई टीम ने अच्छी शुरुआत की। सलामी बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान (97) और दिग्गज सनत जयसूर्या (37) ने पहले विकेट के लिए 10.1 ओवर में 66 रन जोड़े।
बेहद खतरनाक दिख रहे जयसूर्या हालांकि 66 रन के कुल योग पर इरफान पठान द्वारा सुरेश रैना के हाथों कैच करा दिए गए लेकिन दूसरे छोर पर दिलशान की उम्दा पारी जारी रही।
जयसूर्या ने अपनी 35 गेंदों की पारी में सात चौके लगाए। इसके बाद कुमार संगकारा (84) और दिलशान ने दूसरे विकेट के लिए 22.4 ओवर में 143 रन जोड़कर अपनी टीम को और मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
इस जोड़ी को युवराज सिंह ने तोड़ा। उन्होंने संगकारा को रोहित शर्मा के हाथों कैच कराया। संगकारा ने 70 गेंदों पर आठ चौके और एक छक्का लगाया।
संगकारा के आउट होने के बाद दिलशान और थिलिना केनडैंबी (26) ने कुल योग को 255 रनों तक पहुंचा दिया लेकिन ईशांत शर्मा ने केनडैंबी को बोल्ड कर भारत को बड़ी सफलता दिलाई। केनडैंबी ने 26 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके लगाए।
दूसरे छोर पर बिना किसी दिक्कत के बल्लेबाजी कर रहे दिलशान शतक के करीब पहुंच चुके थे लेकिन रोहित ने उन्हें यह अवसर हासिल नहीं करने दिया।
दिलशान शतक से मात्र तीन रन पहले रोहित द्वारा रन आउट कर दिए गए। उन्होंने अपनी 117 गेंदों की नायाब पारी में नौ चौके लगाए।
श्रीलंका ने बिना कोई रन जोड़े केनडैंबी और दिलशान का विकेट गंवा दिया। उसकी यह मुश्किल आगे भी जारी रही। कप्तान माहेला जयवर्धने (1) और चमारा कापूगेदेरा (0) भी एक रन जोड़ने के बाद पेवेलियन लौट गए। इस तरह श्रीलंका ने एक रन के अंतराल में चार विकेट गंवा दिए।
इसके बाद हालांकि फरवेज महरूफ (32), थिलान तुषारा (11) और नुवान कुलसेकरा (नाबाद 10) ने तेजी से रन बटोकर अपनी टीम का कुल योग 300 रनों के पार पहुंचा दिया।
महरूफ ने विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 23 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाया। इस तरह निर्धारित 50 ओवरों की समाप्ति पर मेजबान टीम आठ विकेट के नुकसान पर 320 रन बनाने में सफल रही।
भारत की ओर ईशांत शर्मा ने सर्वाधिक तीन विकेट लिए जबकि युवराज सिंह ने दो और इरफान पठान ने एक विकेट लिया। मेजबान टीम के दो बल्लेबाज रन आउट हुए। पांच मैचों की श्रृंखला में भारतीय टीम 4-0 से आगे चल रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।