इसके अलावा भारत के युगल विशेषज्ञ महेश भूपति और उनके जोड़ीदार बहामास के मार्क नोल्स भी युगल मुकाबलों के फाइनल में पहुंच गए हैं, हालांकि लिएंडर पेस और उनके चेक गणराज्य के जोड़ीदार लुकास डुल्ही को हार का सामना करना पड़ा।
सबसे पहले बात गुरुवार को खेले गए एकल मुकाबलों की। फेडरर ने अमेरिका के एंडी रोडिक को पराजित किया। टूर्नामेंट के दूसरी वरीयता प्राप्त फेडरर ने सातवीं वरीयता प्राप्त रोडिक को 6-2, 7-5, 7-5 से पराजित कर 14वां ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने की ओर बड़ा कदम बढ़ाया है। खिताबी मुकाबला 1 फरवरी को खेला जाना है।
उधर, महिलाओं के एकल वर्ग का फाइनल सेरेना और सफीना के बीच शनिवार को खेला जाएगा। पिछले साल फ्रेंच ओपन का फाइनल खेलने वाली सफीना जहां अपने पहले ग्रैंड स्लैम खिताब के लिए कोर्ट पर उतरेंगी वहीं सेरेना का प्रयास चौथी बार आस्ट्रेलियन ओपन और कुल 10वीं बार ग्रैंड स्लैम खिताब जीतना होगा।
गुरुवार को खेले गए पहले सेमीफाइनल मुकाबले में तीन बार की चैंपियन सेरेना ने जहां चौथी वरीयता प्राप्त रूसी खिलाड़ी एलिना दिमेंतिएवा को हराया वहीं सफीना अपने देश की वेरा ज्योनारेवा को हराने में सफल रहीं।
सेरेना ने शानदार खेल दिखाते हुए दिमेंतिएवा को 6-3, 6-4 से पराजित किया जबकि सफीना ने ज्योनारेवा को 6-3, 7-6 (7-4) से हराया।
27 वर्षीय सेरेना ने 2003, 2005 और 2007 में यह खिताब जीता है जबकि छठी बार आस्ट्रेलियन ओपन खेल रहीं सफीना 2004 और 2007 में तीसरे दौर तक का सफर तय कर चुकी हैं।
मैच के बाद सफीना ने कहा, "मेरे लिए आस्ट्रेलियन ओपन काफी मायने रखता है। मैंने अपने भाई (मरात साफिन) को यह खिताब जीतते हुए देखा है। आज भी वह मुकाबला देखकर मेरी आंखें भर आती हैं। मेरा भाई मेरे लिए प्रेरणास्रोत रहा है।"
दूसरी ओर, सेरेना ने कहा कि नए साल में वह अपने प्रदर्शन से खुश हैं। बकौल सेरेना, "मैं नए साल में अपने प्रदर्शन से खुश हूं लेकिन आज मैंने अपनी प्रतिभा के साथ न्याय नहीं किया, हालांकि मुझे इसका मलाल नहीं है। मैंने मैच के दौरान कुछ यादगार पल बिताए।"
भारत के दिग्गज युगल विशेषज्ञ पेस और उनके जोड़ीदार डुल्ही को गुरुवार को खेले गए अंतिम चार दौर के मुकाबले में दो बार के चैंपियन बॉब और माइक ब्रायन ने पेस-डुल्ही को 6-3, 6-3 से हराया।
खिताबी मुकाबले में बॉब और माइक का सामना भारत के एक अन्य दिग्गज महेश भूपति और बहामास के उनके जोड़ीदार मार्क नोल्स के साथ होगा। भूपति-नोल्स की तीसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी ने पोलैंड के लोकाज कोबोट और आस्ट्रिया के ओलिवर मराक की जोड़ी को मात्र 58 मिनट के खेल में 6-3, 6-1 से हराया।
भूपति और नोल्स की जोड़ी ने खेल की शुरुआत से ही कोबोट और मराक पर दबदबा बनाए रखा और पहले सेट को 6-3 से बड़ी आसानी से अपने नाम कर लिया। दूसरे सेट में भी दोनों ने शानदार खेल दिखाया और इसे भी 6-1 से जीत लिया।
उल्लेखनीय है कि भूपति के पास पांचवी बार ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने का मौका है। इससे पहले वह वर्ष 1999 और 2001 में फ्रेंच ओपन, 1999 में विंबलडन और 2002 में यूएस ओपन के युगल खिताब पर अपना कब्जा जमा चुके हैं।
दूसरी ओर, बालक वर्ग में भारत के सबसे तगड़े उम्मीदवार सर्वोच्च वरीय युकी भांबरी ने जर्मनी के रिचर्ड ब्रेकर को 6-1, 7-5 से हराकर सेमीफाइनल में स्थान पक्का कर लिया है। अंतिम चार में उनका सामना फ्रांस के एड्रियन पगेट से होगा, जिन्होंने रूस के मिखाइल बिरुकोव को 6-4, 6-2 से पराजित किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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