लोउ ने अपने खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ की ओर एक पत्रकार सम्मेलन में कहा, "हमें अपने खिलाड़ियों पर गर्व है। हम विश्व चैम्पियन की तरह खेले। यह अलग बात है कि हम खिताब नहीं हासिल कर सके। खिलाड़ियों ने चैम्पियनों की तरह बर्ताव किया। हमारे खिलाड़ियों का सम्मान जर्मनी ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में है।"
जर्मनी ने विश्व कप में अर्जेटीना (4-0), आस्ट्रेलिया (4-0) और इंग्लैंड (4-1) जैसी टीमों पर बड़ी जीत दर्ज की है। वह सेमीफाइनल में स्पेन के हाथों 0-1 से हार गया।
लोउ ने 2006 में टीम की कमान संभाली थी। उन्होंने कहा कि वह दो या तीन दिनों तक आराम करेंगे और फिर अपने भविष्य के बारे में सोचेंगे।
बकौल लोउ, "विश्व कप के दौरान हमने बहुत माथापच्ची की है। ऐसे में हमें आराम की जरूरत है। इसके बाद मैं इस बात पर विचार करुं गा कि मेरे अंदर इस टीम को और आगे ले जाने की क्षमता है या नहीं। इस संबंध में बातचीत होगी और आने वाले दिनों में इस संबंध में अंतिम फैसला लिया जाएगा।"
जर्मन फुटबाल महासंघ के अध्यक्ष थियो ज्वानजिगेर चाहते हैं कि लोउ अपने पद पर बने रहें। खिलाड़ी भी यही चाहते हैं लेकिन लोउ ने इस संबंध में अपने लिए दरवाजे खोल रखे हैं।
टीम के सदस्य चाहते हैं कि वह 11 अगस्त को डेनमार्क के साथ खेले जाने वाले दोस्ताना मुकाबले के साथ अपना काम फिर से संभालें लेकिन लोउ आराम के बाद इस संबंध में फैसला करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।