गिल ने गुरुवार को कहा कि जिस तरह बोपन्ना और कुरैशी साथ-साथ खेलकर अपने परिजनों और देश का नाम रोशन कर रहे हैं, ठीक उसी तरह भारत और पाकिस्तान साथ-साथ खेलकर अपने बीच की दूरियों को क्यों नहीं मिटा सकते?
गिल ने बोपन्ना-कुरैशी को जीत की बधाई देते हुए अपने बयान में कहा, "मैं बोपन्ना और कुरैशी के खेल का प्रशंसक रहा हूं। दोनों के बीच बहुत अच्छा सामंजस्य है। दोनों युगल वर्ग के शीर्ष खिलाड़ी बन सकते हैं।"
गिल बोले, "मैं सबसे एक ही सवाल करना चाहता हूं। अगर बोपन्ना और कुरैशी साथ-साथ खेल सकते हैं तो फिर भारत और पाकिस्तान क्यों नहीं? हमें इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।"
पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के फाइनल में जगह बनाने के प्रयास के दौरान बोपन्ना-कुरैशी की 16वीं वरीयता प्राप्त जोड़ी ने बुधवार को न्यूयार्क में अर्जेटीना के एडवडरे श्वांक और हिरासियो जेबालोस की जोड़ी को 7-6, 6-4 से पराजित किया।
इस जोड़ी ने मंगलवार को खेले गए क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम के डिक नार्मन और दक्षिण अफ्रीका के वेल्से मूडी की 10वीं वरीयता प्राप्त जोड़ी को 7-5, 7-6 (2) से पराजित किया था।
फाइनल में बोपन्ना-कुरैशी अमेरिका के ब्रायन बंधुओं-बॉब और माइक के साथ दो-दो हाथ करेंगे। बोपन्ना-कुरैशी के लिए यह मैच यादगार साबित हो सकता है क्योंकि इस जोड़ी ने ब्रायन बंधुओं को इस वर्ष अगस्त में वाशिंगटन में पराजित किया था। वैसे अमेरिकी भाई इस सत्र में अभी तक सिर्फ एक बार हारे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।