विला और श्नाइडर ने अब तक कुल पांच-पांच गोल किए हैं जबकि जर्मनी के युवा खिलाड़ी थॉमस मुलर, उरुग्वे के स्ट्राइकर डिएगो फोर्लान, अर्जेटीना के गोंजालो हिग्वेन, स्लोवाकिया के राबर्ट विट्टेक और जर्मनी के दिग्गज खिलाड़ी मिरोस्लाव क्लोज चार-चार गोल के साथ दूसरे स्थान पर चल रहे हैं। हिग्वेन के नाम इस विश्व कप की अब तक की एकमात्र हैट्रिक दर्ज है।
हॉलैंड के खिलाफ मैदान में नहीं उतर सके उरुग्वे के लुइस सुआरेज, घाना के असोमह ग्यान, ब्राजील के लुइस फेबियानो और अमेरिका के लेंडन डोनोवान तीन-तीन गोलों के साथ इस दौड़ में तीसरे स्थान पर हैं।
इसके अलावा 13 खिलाड़ी ऐसे हैं, जिन्होंने विश्व कप में दो-दो गोल किए हैं। तीन मौका ऐसा भी आया है जब इस विश्व कप में तीन आत्मघाती गोल हुए हैं। पहला गोल डेनमार्क के खिलाड़ी डेनिएल अगेर के नाम दर्ज है।
दूसरा आत्मघाती गोल दक्षिण कोरिया के खिलाड़ी पार्क यू यंग के नाम है। तीसरा आत्मघाती गोल ब्राजील के खिलाड़ी फेलिप मेलो ने हॉलैंड के खिलाफ खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।