विजेंदर से स्वर्ण पदक की उम्मीद की जा रही थी। सोमवार को 75 किलोग्राम के मुकाबले में वह इंग्लैंड के मुक्के बाज एंथोनी ओगोगो से 3-4 से हार गए थे और उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा था।
भारतीय टीम प्रबंधन ने विजेंदर के खिलाफ गए फैसले पर आपत्ति दर्ज कराई थी। लेकिन जूरी ने यह आपत्ति खारिज कर दी थी।
विजेंदर ने कहा, "जो हुआ वह उचित नहीं था। आगोगो ने भी फाउल किया था लेकिन रैफरी ने उस पर ध्यान नहीं दिया। दिनेश सिंह और मनप्रीत सिंह को भी इसी प्रकार से दंडित किया गया था लेकिन बॉक्सिंग संघ ने विरोध नहीं दर्ज कराया।"
उन्होंने कहा, "मैंने संघ से आपत्ति दर्ज कराने को कहा लेकिन अधिकारियों ने सही समय पर प्रतिक्रिया नहीं दी। सही समय पर विरोध दर्ज हो गया होता तो रैफरी अपनी गलतियों को नहीं दोहराते।"
गौरतलब है कि मुकाबले में विजेंदर दूसरे राउंड तक इंग्लैंड के अपने प्रतिद्वंद्वी मुक्के बाज से 3-0 से आगे चल रहे थे। लेकिन निर्णायक और तीसरे राउंड में रेफरी ने दो बार वॉर्निग देकर इंग्लैंड के मुक्के बाज को 4 अंक दे दिए और विजेंदर एक अंक के अंतर से हार गए थे।
विजेंदर ने कहा, "मैं यदि विरोध आगे भी जारी रखूंगा तो वे कहेंगे कि मुझमें खेल भावना का अभाव है। जो हो गया सो हो गया। ऐसी चीजें होती रहती हैं और आप हर समय स्वर्ण नहीं जीत सकते। मैंने अपनी गलतियों से सीखा है। मैंने एशियाई खेलों और लंदन ओलम्पिक के लिए तैयारी आरंभ कर दी है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।