नई दिल्ली, 17 मई (आईएएनएस)। वेस्टइंडीज में आयोजित ट्वेंटी-20 विश्व कप के तीसरे संस्करण में मिली खिताबी कामयाबी ने इंग्लैंड क्रिकेट टीम को युवा विकेटकीपर बल्लेबाज क्रेग कीसवीटर के रूप में एक बेहतरीन सितारा दिया है।
दक्षिण अफ्रीकी शहर जोहांसबर्ग के करीब ट्रांसवाल में जन्मे कीसवीटर ने इस वर्ष पांच मार्च को चटगांव में बांग्लादेश के साथ खेले गए एकदिवसीय मैच में 107 रन बनाकर सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया था लेकिन विश्व कप ने उन्हें इंग्लैंड में आज की तारीख का सबसे चहेता क्रिकेट सितारा बना दिया है।
इस विकेटकीपर बल्लेबाज के करियर की सबसे खास बात यह है कि मात्र 22 वर्ष की उम्र में उसने दक्षिण अफ्रीका की राष्ट्रीय अंडर-19 टीम और इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करने का गौरव हासिल किया है।
कीसवीटर ने ट्वेंटी-20 विश्व कप के सात मैचों में 222 रन अपने नाम जोड़े। फाइनल में आस्ट्रेलिया के खिलाफ 49 गेंदों पर सात चौकों और दो छक्कों की मदद से कीसवीटर ने जो 63 रनों की बेहतरीन पारी खेली थी, उसने इंग्लैंड की सात विकेट की जीत की नींव तैयार की थी।
अब तक 10 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में 35.20 के औसत से 352 रन बना चुके कीसवीटर ने एकदिवसीय मैचों में एक शतक और ट्वेंटी-20 मैचों में एक अर्धशतक लगाया है। विश्व कप ने इस युवा खिलाड़ी को जबरदस्त आत्मविश्वास दिया है, जिसके बूते वह एलेक स्टुअर्ट के बाद खाली पड़े इंग्लैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज के स्थान को बड़ी सफलता से भर सकते हैं।
कीसवीटर ने ट्वेंटी-20 विश्व कप में वेस्टइंडीज के खिलाफ 14 गेंदों पर 26 रन, आयरलैंड के खिलाफ 17 गेंदों पर 13 रन, पाकिस्तान के खिलाफ 27 गेंदों पर 25 रन, न्यूजीलैंड के खिलाफ 12 गेंदों पर 12 रन, श्रीलंका के खिलाफ 29 गेंदों पर 39 रन और आस्ट्रेलिया के खिलाफ 63 रनों की सफल पारियां खेली हैं।
लगभग दो वर्ष तक इंग्लैंड के पूर्व सलामी बल्लेबाज मार्कस ट्रेस्कोथिक की देखरेख में काउंटी क्लब समरसेट के लिए खेलने के बाद कीसवीटर ने फरवरी 2010 में इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम में खेलने की योग्यता हासिल की थी।
उनकी प्रतिभा को लंबे समय से निहार रहे इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें कुछ वरिष्ठ खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में बांग्लादेश दौरे के लिए राष्ट्रीय टीम में शामिल किया, जहां उन्होंने अपने चयन को साबित किया।
कीसवीटर काफी हद तक अपने प्रेरणास्रोत केविन पीटरसन की तरह पक्का इरादा रखने वाले हैं। यही नहीं बल्लेबाजी शैली के लिहाज से वह आस्ट्रेलियाई ट्वेंटी-20 टीम के कप्तान माइकल क्लार्क के काफी करीब हैं। जानकार मानते हैं कि उनमें अपने समय के सबसे सफल सलामी बल्लेबाजों में एक ट्रेस्कोथिक जैसा जुझारूपान भी है।
यह सब गुण उन्हें एक बेहतरीन खिलाड़ी बनाते हैं। वह लंबे समय तक इंग्लैड के विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर खेल सकते हैं। इससे इंग्लैंड टीम की एक बहुत बड़ी मुश्किल हल हो जाएगी क्योंकि स्टीवर्ट के संन्यास लेने के बाद उसे एक अदद विकेटकीपर बल्लेबाज की तलाश थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।