स्थानीय एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में भारत को जीत के लिए 207 रनों का लक्ष्य मिला था। भारतीय टीम ने इस लक्ष्य को तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया। भारत की ओर से अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय मैच खेल रहे पुजारा ने सर्वाधिक 72 रनों की पारी खेली। तेंदुलकर 53 रन और राहुल द्रविड़ 21 रन बनाकर नाबाद रहे।
यह श्रृंखला सचिन के लिए बहुत खास रही। इसमें उन्होंने जहां टेस्ट मैचों में 14 हजार रनों के आंकड़े को पार किया वहीं करियर का 49वां शतक भी पूरा किया। सचिन ने करियर का छठा दोहरा शतक भी इस दौरान ठोंका। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें अंतिम टेस्ट मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के साथ-साथ श्रृंखला का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी घोषित किया गया।
आखिरी दिन के पहले सत्र में लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के खाते में अभी 17 रन ही जुड़े थे कि वीरेंद्र सहवाग बेन हिल्फेनहॉस की गेंद पर विकेट के पीछे लपक लिए गए। सहवाग महज सात रन बना सके। इसके बाद मुरली विजय और युवा बल्लेबाज पुजारा ने पारी को आगे बढ़ाया। विजय भोजनकाल के ठीक बाद शेन वाटसन की गेंद पर पगबाधा करार दिए गए। उन्होंने 37 रन बनाए। विजय और पुजारा के बीच दूसरे विकेट के लिए 72 रनों की साझेदारी हुई।
इस बीच पुजारा ने अर्धशतक पूरा किया। उन्हें वी.वी.एस. लक्ष्मण के अनफिट होने की वजह से दूसरे टेस्ट में खेलने का मौका मिला। पुजारा का घरेलू मैचों में शानदार प्रदर्शन रहा है। पहली पारी में वह महज चार रन ही बना सके थे। पुजारा 72 रनों के निजी स्कोर पर नाथन हॉरिट्ज की गेंद पर बोल्ड हो गए। उन्होंने तीसरे विकेट लिए सचिन के साथ 57 रन जोड़े। सचिन और द्रविड ने 61 रनों की साझेदारी करते हुए भारत को जीत दिलाई।
इससे पहले आस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम अपनी दूसरी पारी में महज 223 रनों पर सिमट गई। चौथे दिन का खेल खत्म होने पर आस्ट्रेलिया ने सात विकेट खोकर 202 रन बनाए थे। पांचवें दिन का खेल शुरू होने के कुछ देर बाद ही मिशेल जानसन को जहीर खान बोल्ड कर दिया। इसके बाद हिल्फेनहॉस को एस. श्रीसंत ने पेवेलियन की राह दिखाई। जहीर ने पीटर जॉर्ज को अपना तीसरा शिकार बनाया और पूरी मेहमान टीम 223 रनों पर ढेर हो गई।
आस्ट्रेलिया के लिए मैच के चौथे दिन ही मुश्किल खड़ी हो गई थी जब उसके साथ सात बल्लेबाज पेवेलियन लौट गए थे। कप्तान रिकी पोंटिंग को छोड़ कोई दूसरा बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों का सामना नहीं कर सका। पोटिंग ने 72 रनों की जुझारू पारी खेली। भारत की ओर से जहीर और प्रज्ञान ओझा ने तीन-तीन विकेट चटकाए। हरभजन सिंह और श्रीसंत ने दो-दो विकेट लिए।
इससे पहले तेंदुलकर के शानदार दोहरे शतक की बदौलत भारतीय टीम ने पहली पारी में 495 रन बनाते हुए पहली पारी के आधार पर 17 रनों की बढ़त हासिल की। भारत की पहली पारी के दौरान आस्ट्रेलिया की ओर से जानसन ने सर्वाधिक तीन विकेट चटकाए। उनके अलावा पीटर जॉर्ज और हॉरिट्ज ने दो-दो विकेट लिए।
तेंदुलकर ने 363 गेंदों का सामना करते हुए 22 चौकों और दो छक्कों की मदद से 214 रन बनाए। टेस्ट करियर में उनका यह छठा दोहरा शतक है। उनके अलावा भारत की ओर से सहवाग ने ही छह बार दो सौ से अधिक का आंकड़ा पार किया है आस्ट्रेलिया के खिलाफ तेंदुलकर ने दूसरी बार दोहरा शतक लगाया है।
मैच के तीसरे दिन ही तेंदुलकर ने हॉरिट्ज की गेंद पर छक्का लगाकर अपने टेस्ट करियर का 49वां शतक पूरा किया था। मास्टर ब्लास्टर ने यहीं टेस्ट मैचों में अपने 14,000 रन भी पूरे किए। श्रंखला में 0-1 से पीछे चल रही आस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम ने पहली पारी में 478 रन बनाए थे। मेहमान टीम की ओर से मार्कस नॉर्थ ने 128, कप्तान पोंटिंग ने 77 और सलामी बल्लेबाज ने 57 रनों की पारी खेली थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।