मुकेश शर्मा
बीबीसी संवाददाता, ग्वांगजो से
दोहा एशियाड के स्वर्ण पदक विजेता पंकज आडवाणी ने बिलियर्ड्स के ज़रिए भारत को ग्वांगजो एशियाड का पहला स्वर्ण दिलाया है.
रविवार को पहले उन्होंने सेमीफ़ाइनल में बर्मा के क्यो ऊ ऊ को 3-2 से हराया और उसके बाद फ़ाइनल में भी उनका मुक़ाबला बर्मा के ही खिलाड़ी से था.
फ़ाइनल में आडवाणी के सामने बर्मा के ने थ्वे ऊ थे. पहला फ़्रेम बर्मा के खिलाड़ी ने 100-33 से जीता.
उसके बाद दूसरे फ़्रेम में पंकज ने वापसी की और स्कोर रहा 100-61. इसके बाद तीसरे फ़्रेम में बाज़ी पलटी और जीत फिर बर्मा के खिलाड़ी को मिली.
मगर उसके बाद पंकज ने कोई ग़लती नहीं करते हुए अगले दोनों फ़्रेम जीत लिए और भारत को इन खेलों का पहला स्वर्ण पदक दिलाया.
जीत के बाद पंकज ने कहा, “मैं इस जीत से बेहद ख़ुश हूँ क्योंकि मुझे इसकी सख़्त ज़रूरत थी. मुझे ख़ुशी है कि मैंने भारत के लिए पहला स्वर्ण जीता है.”
निशानेबाज़ी
उधर निशानेबाज़ी में स्वर्ण पदक की भारत की तलाश खेलों के दूसरे दिन भी जारी रही जबकि उसे एक रजत और एक काँस्य पदक से संतोष करना पड़ा है.
सबसे पहले पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्द्धा का मुक़ाबला था जहाँ एक मात्र विजय कुमार ही भारत की ओर से फ़ाइनल में जगह बना पाए.
उन्होंने सिर्फ़ एक अंक के अंतर से अंतिम स्थान पर फ़ाइनल में जगह बनाई थी. उनके 579 अंक थे जबकि उनसे ऊपर रहे चीनी निशानेबाज़ पू चिफ़ेंग के 580 और उनसे नीचे रहे चीनी पैंग वेइ के 578 अंक थे.
उसके बाद फ़ाइनल में विजय कुमार ने सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया और और कुल 101.4 अंक अर्जित किए. मगर क्वालिफ़ाइंग दौर के उनके अंक जोड़कर उनका कुल स्कोर काँस्य पदक तक पहुँच सका.
वैसे फ़ाइनल में विजय के बेहतरीन प्रदर्शन की वजह से ही उन्हें काँस्य मिला क्योंकि फ़ाइनल में प्रवेश करते समय वह आठवें स्थान पर थे.
जीत के बाद बीबीसी हिंदी से बात करते हुए विजय ने ख़ुशी जताई कि उन्हें एशियाई खेलों का पहला पदक हासिल हुआ.
इस मुक़ाबले में दक्षिण कोरिया के देमयुंग ली को स्वर्ण और चीन के तैन ज़ोंगलियांग को रजत पदक हासिल हुआ.
इसी प्रतियोगिता के टीम मुक़ाबले में भारत चौथे स्थान पर रहा जबकि दक्षिण कोरिया को स्वर्ण, चीन को रजत और जापान को काँस्य मिला.
महिलाओं को रजत
इसके बाद हुई महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्द्धा में भारतीय टीम को रजत हासिल हुआ.
सोनिया राय, अन्नुराज सिंह और हिना सिद्धू ने लगभग एक जैसा प्रदर्शन किया जबकि सोनिया को 379, अन्नुराज को 380 और हिना को 381 अंक हासिल हुए.
स्कोर बराबर होने की वजह से हिना का मुक़ाबला फ़ाइनल में जगह बनाने के लिए दो और निशानेबाज़ों से हुआ मगर वह कज़ाखस्तान की निशानेबाज़ से पीछे रह गईं.
इस मुक़ाबले में टीम का स्वर्ण पदक दक्षिण कोरिया को ही मिला.
जीत के बाद हिना ने बीबीसी से बात करते हुए बताया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं होने का भी कुछ असर उनके प्रदर्शन पर पड़ा जबकि उन्होंने एक शॉट सात अंकों वाला मार दिया.
आम तौर पर नौ और दस अंक के शॉट लगा रही हिना के लिए वो ही शॉट नुक़सानदायक साबित हुआ और वह फ़ाइनल में जगह बनाने से चूक गईं.
मगर टीम का रजत पदक जीतने की ख़ुशी तीनों ही निशानेबाज़ों के चेहरे पर साफ़ थी.