पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के फाइनल में जगह बनाने के प्रयास के दौरान बोपन्ना-कुरैशी की 16वीं वरीयता प्राप्त जोड़ी ने अर्जेटीना के एडवडरे श्वांक और हिरासियो जेबालोस की जोड़ी को 7-6 (5), 6-4 से पराजित किया।
इस जोड़ी ने मंगलवार को खेले गए क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम के डिक नार्मन और दक्षिण अफ्रीका के वेल्से मूडी की 10वीं वरीयता प्राप्त जोड़ी को 7-5, 7-6 (2) से पराजित किया था।
फाइनल में बोपन्ना-कुरैशी अमेरिका के ब्रायन बंधुओं-बॉब और माइक के साथ दो-दो हाथ करेंगे। बोपन्ना-कुरैशी के लिए यह मैच यादगार साबित हो सकता है क्योंकि इस जोड़ी ने ब्रायन बंधुओं को इस वर्ष अगस्त में वाशिंगटन में पराजित किया था। वैसे अमेरिकी भाई इस सत्र में अभी तक सिर्फ एक बार हारे हैं।
कुरैशी के लिए अमेरिकी ओपन दोहरी सफलता का कारण बन सकता है क्योंकि वह मिश्रित युगल के भी फाइनल में पहुंच चुके हैं। कुरैशी और उनकी चेक गणराज्य की जोड़ीदार क्वेता पेश्चके का फाइनल में लेडल ह्यूबर और बॉब ब्रायन के साथ सामना होगा।
बोपन्ना-कुरैशी के सेमीफाइनल मुकाबले को देखने के लिए भारत और पाकिस्तान के राजदूत भी फ्लशिंग मिडोज के सेंटर कोर्ट में पहुंचे थे।
इस दौरान भारतीय राजदूत हरप्रीत सूरी और पाकिस्तानी राजदूत अब्दुल्ला एच. हारून ने साथ बैठकर यह मैच देखा और फिर मैच के बाद दोनोंे ने खिलाड़ियों को बधाई दी।
बोपन्ना ने कुरैशी को 'दूसरी मां के कोख से जन्मा भाई' करार दिया है। बोपन्ना ने कहा, "हमें खुशी है कि भारत और पाकिस्तान के राजदूत हमारा मैच देखने पहुंचे। हमें यह भी पता है कि ब्रायन बंधुओं के खिलाफ हमारा मुकाबला काफी कठिन होगा और यही कारण है कि हम इसके लिए खुद को मानसिक और शारीरिक तौर पर तैयार कर रहे हैं।"
इस मौकों पर कुरैशी ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि मुश्किलों से घिरे अपने देशवासियों को वह थोड़ी खुशी प्रदान करने में सफल रहे हैं।
कुरैशी ने कहा, "पिछले दो-तीन वर्षो में पाकिस्तान ने आतंकवाद और बाढ़ के कारण काफी नुकसान झेला है। साथ ही अब मैच फिक्सिंग की घटना ने उनका दुख और बढ़ा दिया है। मैं इस बात को लेकर खुश हूं कि तमाम नकारात्मक खबरों के बीच मैं अपने देशवासियों को एक सकारात्मक खबर देने में सफल रहा हूं। मैं यहां दो वर्गो के फाइनल में पहुंच चुका हूं। ऐसे में मेरा प्रयास कम से कम एक खिताब जीतने का है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।