दरअसल, पहले हॉफ में बढ़त बनाने वाली ब्राजीलियाई टीम को मेलो की एक गलती भारी पड़ गई। दूसरे हाफ में एक लंबे क्रॉस को बचाने को कोशिश में मेलो ने गेंद को सिर से मारा और गेंद ब्राजील के गोलपोस्ट में ही समा गई। यही गोल नीदरलैंड को मैच में वापस ले आया और नतीजा भी उसके पक्ष में रहा।
मैच के बाद मेलो ने कहा, "विश्व कप-2010 का खलनायक मैं बिल्कुल नहीं हूं। यहां सामूहिक गलती हुई है। मेरी भी जिम्मेदारी है। मैं ब्राजील के लोगों से माफी मांगता हूं। हम विश्व कप जीतना चाहते थे लेकिन ऐसा नहीं सका।"
गौरतलब है कि नीदरलैंड की टीम ने ब्राजील को 2-1 से हराकर इस विश्व कप का सबसे बड़ा उलटफेर करते हुए सेमीफाइनल में जगह बना ली।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।