गुरुवार का दिन आयोजन समिति के लिए अच्छा नहीं रहा क्योंकि इस दिन न चाहते हुए भी उसे अपने चार प्रमुख पदाधिकारियों का साथ छोड़ना पड़ा। सबसे पहले अपने बेटे की कंपनी को फायदा पहुंचाने का आरोप झेलने वाले आयोजन समिति के कोषाध्यक्ष अनिल खन्ना को इस्तीफा देना पड़ा और फिर आयोजन समिति ने तीन दिन पहले गठित जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर अपने तीन बड़े पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया।
निलंबित होने वालों में टी.एस. दरबारी, संजय महेंद्रू और जयचंद्रन शामिल हैं। इन्हें पिछले वर्ष अक्टूबर में लंदन में आयोजित क्वींस बैटन रिले के आयोजन से जुड़ी अनियमितता के संबंध में पदमुक्त किया गया है।
आयोजन समिति के महासचिव ललित भनोत ने गुरुवार को पत्रकार सम्मेलन में कहा कि सीजीओसी में उपमहानिदेशक पद पर कार्यरत दरबारी, सीजीओसी के सहायक निदेशक महेंद्रू और वित्त और लेखा विभाग के संयुक्त महानिदेशक जयचंद्रन को इस मामले में जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट के आधार पर निलंबित जा रहा है।
भनोत ने कहा, "समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इस पर चर्चा करते हुए कार्यकारिणी ने महेंद्रू, दरबारी और जयचंद्रन को निलंबित करने का फैसला किया है। महेंद्रू से हमारा सीधा संबंध नहीं है लेकिन हम इस मामले पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनके खिलाफ विस्तृत जांच चाहते हैं। जयचंद्रन ने कहा कि वह पाक-साफ हैं लिहाजा हम उनकी बात आगे सुनेंगे।"
भनोत ने कहा कि कार्यकारिणी ने इसके अलावा आस्ट्रेलिया स्थित स्पोर्ट्स मार्केटिंग एंड मैनेजमेंट (एसएमएएम) नाम की कंपनी की सेवाएं समाप्त करने का फैसला किया है। इस कंपनी को अपेक्षा के अनुरूप काम नहीं करने के कारण करारमुक्त किया जा रहा है।
इससे पहले, भनोत ने कहा कि अशोक मट्टू को नया कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। मट्टू को खन्ना के स्थान पर यह जिम्मेदारी दी गई है। भारतीय टेनिस लॉबी के सबसे प्रभावशाली प्रशासक और अखिल भारतीय टेनिस संघ के सचिव खन्ना ने अपने बेटे की कंपनी को फायदा पहुंचाने के आरोपों के बाद गुरुवार को इस्तीफा दे दिया था।
भनोत ने कहा कि खन्ना ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है और उसे स्वीकार भी कर लिया गया है। खन्ना ने हालांकि खुद को किसी भी तरह के घपले से दूर बताया है। खन्ना पर बेटे आदित्य की कंपनी रीबाउंड-एस को आर. के. खन्ना स्टेडियम में सिंथेटिक टर्फ बिछाने का ठेका दिलाने का आरोप है।
खन्ना ने कहा कि वह नैतिक आधार पर अपना पद छोड़ रहे हैं लेकिन बेटे की कंपनी को ठेका दिलाने में उनका कोई हाथ नहीं है। खन्ना के बेटे आदित्य रीबाउंड एस की भारतीय ईकाई में मुख्य कार्यकारी अधिकारी पद पर कार्यरत हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि आदित्य की कंपनी ने डीएलटीए परिसर में जो 14 टर्फ लगाए हैं उनमें भारी कमियां हैं।
आर. के. खन्ना स्टेडियम में ही राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान टेनिस स्पर्धाओं का आयोजन होना है। एक भारतीय समाचार पत्र ने गुरुवार को खुलासा किया कि आस्ट्रेलियन ओपन के आयोजकों ने जिस टर्फ को बेकार करार देकर नकार दिया था, उसे भारत लाकर डीएलटीए परिसर में लगाया गया है।
खन्ना ने गुरुवार को अपने इस्तीफे के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में तमाम आरोपों से इंकार किया और कहा कि उन्होंने नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया है क्योंकि वह नहीं चाहते कि उनके कारण उनके बेटे के पद पर कोई आंच आए।
खन्ना ने कहा, "मैंने कोषाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। मैं इस संबंध में नैतिक जिम्मेदारी ले रहा हूं लेकिन मैं साफ कर देना चाहता हूं कि मैं टर्फ लगाने के लिए कंपनियों के चयन की प्रक्रिया में शामिल नहीं था।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।