आईसीसी ने यह भी संकेत दिए हैं कि वह सिडनी टेस्ट में मैच फिक्सिंग से जुड़े एक अन्य मामले की जांच करा सकती है। इस मामले में पाकिस्तानी खिलाड़ी कामरान अकमल को मुख्य आरोपी बनाए जाने के आसार हैं। अकमल ने उस मैच में चार कैच टपकाए थे। वह मैच आस्ट्रेलिया हारते-हारते जीत गया था।
हमीद ने रविवार को ब्रिटेन के समाचार पत्र 'न्यूज ऑफ द वर्ल्ड' द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन के दौरान स्वीकार किया था कि स्पॉट फिक्सिंग के आरोपी-मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद आमेर और सलमान बट्ट सहित पाकिस्तानी टीम का हर मैच फिक्स होता है और हर एक पाकिस्तानी खिलाड़ी सटोरियों को हाथों पूरी तरह बिक चुका है।
हमीद ने इस स्टिंग ऑपरेशन के वीडियो टेप के जारी होने के एक दिन बाद हालांकि इस तरह के किसी बयान से इंकार किया और समाचार पत्र पर ब्लैकमैल करने का आरोप लगाया लेकिन आईसीसी ने उनके बयान को गंभीरता से लेते हुए उनसे पूछताछ का मन बना लिया है। हमीद के साथ-साथ उनके परिजनों ने भी समाचार पत्र और हमीद के बीच इस प्रकार की बातचीत से इंकार किया।
समाचार पत्र 'द डेली टेलीग्राफ' के मुताबिक आईसीसी की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई चाहती है कि हमीद समाचार पत्र के स्टिंग ऑपरेशन के दौरान किए गए खुलासों को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट करें। पत्र लिखता है कि हमीद से पूछताछ के लिए आईसीसी एक नए व्यक्ति की नियुक्ति कर सकती है। स्पॉट फिक्सिंग को लेकर स्कॉटलैंड यार्ड और लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस अपने स्तर पर जांच कर रही है।
इस बीच, आस्ट्रेलिया के समाचार पत्र 'कूरियर मेल' ने खबर दी है कि आईसीसी ने इस वर्ष जनवरी में आस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच खेले गए सिडनी टेस्ट मैच के दौरान स्पॉट फिक्सिंग से जुड़े मामले की जांच के संबंध में अकमल को सूचित कर दिया है। आईसीसी ने अकमल से कहा है कि सिडनी टेस्ट को लेकर वह जांच के घेरे में हैं।
आईसीसी ने हालांकि इस मामले में पाकिस्तान को पाक-साफ करार दिया था लेकिन मैच फिक्सिंग के हालिया मामले के सामने आने के बाद उसने एक बार फिर इस मामले में जांच शुरू करने का फैसला किया है। अकमल ने उस मैच में चार कैच गिराए थे और इस कारण पाकिस्तान वह मैच बहुत कम अंतर से हार गया था।
उस मैच के बाद अकमल को टीम से बाहर कर दिया गया था। अकमल का नाम लॉर्ड्स टेस्ट से जुड़ी स्पॉट फिक्सिंग की घटना में भी सामने आया था लेकिन जांच में जुटी स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस और मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने अकमल को इससे बरी कर दिया था।
इस बीच, मैच फिक्सिंग का 'जिन्न' इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) पर भी हावी होता दिख रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आईपीएल के दौरान एक खिलाड़ी ने जानबूझकर 'खराब प्रदर्शन' किया था। उस खिलाड़ी पर नजर रखी जा रही है। समाचार पत्र 'द आस्ट्रेलियन' की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 'एक प्रमुख बल्लेबाज को ऊपरी क्रम पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया था, जिससे कि वह मैच का नतीजा प्रभावित न कर सके।'
पत्र ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है, "भारत के आईपीएल के दो अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि एक शीर्ष बल्लेबाज ने आईपीएल मैचों में इतना खराब खेल दिखाया कि कोई भी इसका कारण बताने की स्थिति में नहीं है।" रिपोर्ट में आगे लिखा है, "उस खिलाड़ी ने लगातार खराब प्रदर्शन किया और कई मौकों पर वह खेलने के लिए उत्सुक नहीं दिखा। कई मौकों पर ऐसा लगा कि कोई चीज उसका ध्यान भंग कर रही है।"
रिपोर्ट के मुताबिक उस संदेहास्पद बल्लेबाज ने अहम मुकाम पर बेहद धीमी बल्लेबाजी की जबकि मैच की जरूरत के हिसाब से उसे तेजी से रन बटोरना चाहिए था। इस मामले की पुष्टि करने वाले अधिकारियों ने हालांकि यह बताने से इंकार किया कि इस संबंध में आईसीसी की भ्रष्टाचार निरोधी इकाई उस खिलाड़ी पर नजर रखे हुए है या नहीं। आईसीसी की इकाई ने भी अपनी जांच के बारे में कुछ बताने से इंकार कर दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।