बीबीसी संवाददाता, दक्षिण अफ़्रीका से
अर्जेंटीना की टीम भले ही नाइजीरिया के ख़िलाफ़ विश्व कप का अपना पहला मैच जीत गई हो, लेकिन कोच माराडोना को लगता है कि टीम ने गोल करने के कई मौक़े गँवा दिए. एक कोच के रूप में माराडोना का ये पहला मैच था. जो सफल रहा. अर्जेंटीना की टीम ने मैदान पर भी शानदार खेल का प्रदर्शन किया लेकिन गोल को एक ही कर पाए.
मेसी, हिगुएन और तावेज़ की तिकड़ी को गोल करने के कई मौक़े मिले थे. कोच माराडोना का कहना है कि ऐसा लग रहा था खिलाड़ियों को गोल दिख ही नहीं रहा था. माराडोना ने नाइजीरिया के गोलकीपर की सराहना की, जिन्होंने कई गोल बचाए. लेकिन उन्होंने कहा- हमारे खिलाड़ी नाइजीरिया के प्रति ज़्यादा दयालु दिख रहे थे.
बच के रहना ब्राज़ील
ख़िताब की प्रबल दावेदार ब्राज़ील की टीम अपना पहला मैच पराग्वे के ख़िलाफ़ मंगलवार को खेलेगी. लेकिन दो खिलाड़ियों के बीच झड़प की रिपोर्ट मीडिया में आने के बाद टीम के कोच डूंगा ज़रूरत से ज़्यादा सावधानी बरतने लगे हैं. सावधानी मीडिया से दूरी बरतने में, सावधानी ऐसी ख़बरें लीक न होने देने में.
इसी का नतीजा था कि खुले स्टेडियम में मीडिया की मौजूदगी में होने वाला ट्रेनिंग सत्र उन्होंने बंद दरवाज़े में कराने का फ़ैसला किया. वजह वही- मीडिया से दूरी. दरअसल शुक्रवार को अभ्यास सत्र के दौरान डेनियल एल्वेस और जुलियो बैपटिस्टा के बीच बहस की तस्वीरें टेलीविज़न पर दिखाई गईं.
दक्षिण अफ़्रीका में पहुँचने के बाद खिलाड़ियों में झड़प की ये दूसरी घटना थी. डूंगा को सलाह तो यही है कि वे मीडिया से दूरी बनाने की बजाए खिलाड़ियों को बेलगाम होने से बचाए. अन्यथा टीम का कुछ भला होने वाला नहीं.
काम पर मैच नहीं
फ़ुटब़ॉल का जुनून जो न कराए. ख़ासकर यूरोपीय और दक्षिणी अमरीकी देशों में फ़ुटबॉल के प्रति प्रेम किसी से छुपी हुई बात नहीं. विश्व कप का मौक़ा हो और फ़ुटबॉल प्रेमियों को आप मैच देखने से कैसे रोकेंगे.
लेकिन जो लोग काम पर हों, उनका क्या. इटली में काम के दौरान मैच देखने वालों को सरकार ने चेतावनी दी है. सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा है कि जो लोग मैच देखना चाहते हैं, वे छुट्टी ले लें, लेकिन काम के दौरान मैच न देखें.
सरकार का कहना है कि वे फ़ुटबॉल के प्रति लोगों का जुनून समझ सकते हैं लेकिन कुछ और भी लोग हैं, जिनका सम्मान किया जाना चाहिए. इटली की टीम इस समय विश्व कप की मौजूदा चैम्पियन है. और इटली के लोग चाहते हैं कि उनकी टीम अपनी ख़िताब की रक्षा करे, लेकिन सरकार के इस फ़रमान से उन्हें मैच देखने से महरूम होना पड़ सकता है.